सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरे देश में 1 जुलाई से पूर्ण प्रतिबंध

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केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी), खासकर पन्नियों और पानी की बोतलों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने की दिशा में अहम फैसला किया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल चरणबद्ध तरीके से बंद करने की सलाह दी है।
सरकार का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक देश के 4,704 में से 2,591 शहरी स्थानीय निकायों ने ङ्क्षसगल-यूज प्लास्टिक को पहले से प्रतिबंधित कर रखा है। शेष 2,100 से अधिक निकाय भी 30 जून तक हर हाल में इसे प्रतिबंधित कर दें।

एडवाइजरी में केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 जून तक गतिविधियां शुरू करने को कहा है। खासकर प्लास्टिक की पन्नी और पानी की बोतलों वाले कचरे की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर सफाई और अभियान चलाने को कहा गया है। फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय जो काम कर रहे हैं, उसमें प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन उन्मूलन शामिल है। एडवाइजरी में कहा गया कि सफाई कार्य में तेजी के लिए एसयूपी हॉटस्पॉट की पहचान और उन्हें नष्ट करना जरूरी है।

एडवाइजरी में प्रतिबंधों को लागू करने आनाकानी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की सलाह दी गई है। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 के मुताबिक 75 माइक्रोन (0.075 मिमी मोटाई) से कम के प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और किसी भी तरह के उपयोग पर 30 सितंबर, 2021 से प्रतिबंध लगा हुआ है।

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