शेर है यह शेर… बिल्ली नहीं है, उत्तर प्रदेश है यह दिल्ली नहीं… उन्नाव के इंस्पेक्टर धर्मराज ने उपद्रवियों को दिखाया आईना

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उन्नाव। ‘न कोई के डर मा न कोई के दबाव मा, चले हैं दीवान जी ड्यूटी चुनाव मा’ कविता से करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर धर्मराज उपाध्याय ने अब कानपुर के उपद्रवियों को अपनी कविता से आईना दिखाया है। चुनाव के समय ड्यूटी पर बनाई उनकी कविता को यूपी पुलिस के ट्वीटर अकाउंट पर भी ट्वीट किया गया था।
कानपुर में बीते दिनों हुए बवाल के बाद प्रदेश की सुदृढ़ कानून व्यवस्था कविता के जरिये वह कुछ यूं बयान करते हैं-‘पकड़-पकड़ कर हवालात में ठेले जाएंगे, दंगा करने वाले पल भर रेले जाएंगे’। इसके बाद लिखा- ‘शेर है यह शेर…बिल्ली नहीं है, उत्तर प्रदेश है यह दिल्ली नहीं है। गुंडे और गुंडों के सभी झमेले जाएंगे, दंगा करने वाले पल भर रेले जाएंगे। बुरा किया तो अच्छा अब अंजाम नहीं मिलने वाला, जो बबूल बोये हो तो तुमको आम नहीं मिलने वाला। खेल जो तुमने खेला वही खेले जाएंगे, दंगा करने वाले पल भर रेले जाएंगे
इंस्पेक्टर की यह कविता यू-ट्यूब, फेसबुक, वाट्सएप व अन्य पब्लिक एप पर भी छा रही है। श्रावस्ती जिले के सोनवा के गांव चंदरखा निवासी धर्मराज उपाध्याय इस समय उन्नाव में अपराध शाखा में तैनात हैं। वह वर्ष 2001 में दारोगा से भर्ती होकर 2016 में इंस्पेक्टर बने। साहित्य में रुचि होने से कविताएं लिखने लगे।

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