मुंशीगीरी करते-करते मेरठ का मांगेराम बन गया हथियारों का सौदागर

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मेरठ: किठौर के भरोड़ा गांव का रहने वाला मांगेराम कचहरी में मुंशीगीरी का काम करते हुए हथियारों का बड़ा सौदागर बन गया है। हाल ही में उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हथियारों की सप्लाई की थी। मांगेराम गांव से 2020 में हापुड़ चला गया था। किठौर पुलिस ने उसे हथियारों की सप्लाई और चरस तस्करी में जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद मांगेराम ने गांव छोड़ दिया था। हालांकि गांव के छोटे से घर में उसका परिवार रहता है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भरोड़ा गांव के मांगेराम को गिरफ्तार कर पांच सेमी-आटोमेटिक पिस्टल, 10 कट्टे व चार कारतूस बरामद किए हैं। अभी तक दो सौ से ज्यादा हथियार मांगेराम सप्लाई कर चुका है। किठौर पुलिस का कहना है कि मांगेराम को दो बार हथियार और चरस तस्करी में जेल भेजा जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद मांगेराम गांव छोड़कर हापुड़ में किराए के मकान में रहने लगा था और दिल्ली में जाकर हथियारों की सप्लाई करने लगा था। इससे पहले मांगेराम कचहरी में मुंशी का काम करता था। किठौर के अलावा वह जनपद के अन्य थानों से भी चार बार जेल जा चुका है।

मेरठ, जागरण संवाददाता। उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के थाना भगवानपुर क्षेत्र निवासी राशिद पुत्र मो. इरशाद ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसके भाई आदिल का निकाह दो वर्ष पूर्व सरधना क्षेत्र की मंडी चमारान निवासी युवती से हुआ था। कुछ समय बाद दोनों में विवाद हो गया। इसके बाद भाई मोहल्ला कमरानबान में रहने लगा। पांच माह पूर्व उसकी भाभी ने पुत्र को जन्म दिया। राशिद ने बताया कि गत रविवार को उसके फोन पर इंटरनेट मीडिया का एक लिंक आया। जब वह सरधना पहुंचा तो भाई के लापता होने की जानकारी मिली। उसकी बाइक सिटी प्वाइंट पर खड़ी मिली। काफी तलाशने के बाद भी सुराग नहीं मिला तो उन्होंने थाने में तहरीर दी।

उधर, आदिल ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो और पत्र में आरोप लगाया कि पत्नी व ससुराल वालों ने उसका उत्पीड़न किया। पुलिस के साथ मिलकर दहेज उत्पीड़न व अन्य मामलों में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। फैसले के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ले लिए गए। इसके बाद करीब 11 माह तक कस्बे में रखकर उसके साथ अत्याचार किया गया। पत्नी से भी पिटवाया गया। परिवार वालों को मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। पत्र में कहा है, अगर उसे कुछ हो जाता है तो किसी को कुछ न कहा जाए। हालांकि सरधना थाने के इंस्पेक्टर क्राइम शिव प्रकाश सिंह का कहना है, ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।

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