नई दिल्ली: आइएएनएस। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने असम में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क परियोजना में कथित अनियमितताओं के संबंध में शिलांग, गुवाहाटी, गुरुग्राम और बेंगलुरु में कई स्थानों पर तलाशी ली। इस दौरान सीबीआइ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के कुछ अधिकारियों को हिरासत में लिया है। अब उनका बयान दर्ज किया जा रहा है। सीबीआइ के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सीबीआइ ने इस साल अप्रैल में NHAI के महाप्रबंधकों, परियोजना निदेशकों, प्रबंधकों और 13 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिनमें निजी व्यक्ति और निजी कंपनियां शामिल थीं। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2008-2010 के दौरान एनएच-06 के सूरत-हजीरा पोर्ट सेक्शन, एनएच-08 के किशनगढ़-अजमेर-ब्यावर सेक्शन और एनएच-02 के वाराणसी औरंगाबाद सेक्शन को एनएचएआइ द्वारा निजी कंपनियों की एक कंसोर्टियम को सौंपा गया था।
इन तीनों परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल का गठन किया गया था। आगे यह भी आरोप लगाया गया कि इन परियोजनाओं के निष्पादन के दौरान उक्त एनएचएआइ अधिकारियों ने निजी कंपनियों से धन स्वीकार किया।
मामले की जांच जारी
सीबीआइ ने आरोप लगाया था कि उक्त निजी कंपनी के उप-ठेकेदारों द्वारा उनके खातों की पुस्तकों में हेराफेरी करके नकद धन की सुविधा प्रदान की गई थी। मामले में आगे की जांच जारी है।









