दहेज में मिली कार की बजाय बाइक से पत्नी को लेने ससुराल पहुंच गया पति, बात बिगड़कर पहुंची थाने तक

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आगरा। अगर आप को दहेज में कार मिली है और चलाना नहीं जानते हैं तो सीख लीजिए। दहेज में कार मिलने के बाद भी मायके गई पत्नी को बाइक से लेने जाने पर आपको उसकी नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। नाराजगी ज्यादा ही हुई तो आपको पुलिस के सामने भी पेश होना पड़ सकता है।
मोहब्बत की नगरी आगरा में ऐसा ही एक मामला सामने आया। एक अस्पताल में कर्मचारी की सात महीने पहले ही शादी हुई थी। वह मायके गई नवविवाहिता पत्नी को दहेज में मिली कार की जगह बाइक से लेने पहुंच गया। पत्नी को इंतजार था कि पति उसे कार से लेने आएगा। पति को बाइक पर आया देख नाराज हुई पत्नी ने उसके साथ जाने से मना कर दिया। पत्नी की नाराजगी सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही। इसे लेकर पति-पत्नी की रार इतनी बढ़ी कि मामला पुलिस तक पहुंच गया।

पत्नी ने पति पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों के बीच सुलह कराने के लिए मामला परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया। यहां पर काउंसलर ने पति-पत्नी को बुलाया था। काउंसलिंग के दौरान पत्नी की शिकायत की असली कहानी सामने आई। वह पति के कार की जगह बाइक से आने पर नाराज थी। पति ने काउंसलर का कहना था कि वह कार चलाना नहीं जानता है।

ये किया वादा तो मानी पत्नी
पति ने काउंसलर और पुलिस के सामने पत्नी से वादा किया कि वह दो महीने मे कार चलाना सीख लेगा। अगली बार पत्नी जब भी मायके जाएगी,वह उसे कार से लेने आएगा। जिसके बाद पत्नी की नाराजगी दूर हो सकी। वह पति के साथ जाने को राजी हुई।
पति-पत्नी के बीच विवाद के हर महीने पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में 100 से अधिक मामले आते हैं। जिनमें काउंसलर द्वारा पति-पत्नी को आमने-सामने बैठा उनकी शिकायतें सुनी जाती हैं। इसके बाद उनकी काउंसलिंग की जाती है।

पति-पत्नी को समझाने पर 80 फीसद मामलों में उनके बीच राजीनामा हो जाता है। दरअसल पत्नियों की छोटी-छोटी बातों को लेकर पति से शिकायत रहती है। जिसे वह समय रहते ध्यान देकर उसे दूर नहीं करते। पत्नियों को लगता है कि पति उसकी उपेक्षा कर रहा है, बाद में यह शिकायत विवाद का रूप ले लेती हैं। मामला पुलिस तक पहुंच जाता है।

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