Agnipath: टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने भी किया अग्निपथ योजना का समर्थन, बोले- युवाओं के लिए महान अवसर

Facebook
X
WhatsApp

टाटा संस के चेयरमैन एन.चंद्रशेखरन ने भी सोमवार को केंद्र की ‘अग्निपथ योजना’ का समर्थन किया है। योजना का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को रक्षा बलों की सेवा करने के अवसर के अवसर के अलावा टाटा समूह सहित उद्योगों के लिए एक बहुत ही अनुशासित और प्रशिक्षित कार्यक्रबल उपलब्ध कराएगी।

चंद्रशेखर का नाम अब उन उद्योगपतियों के साथ जुड़ गया है जिन्होंने अग्निपथ योजना का समर्थन किया है। इससे पहले महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका, बायोकॉन लिमिटेड की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता रेड्डी जैसे उद्योग जगत की शख्सियतें इस योजना के समर्थन में आए हैं।

चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा, “अग्निपथ न केवल युवाओं के लिए देश के रक्षा बलों की सेवा करने का एक बड़ा अवसर है, बल्कि यह टाटा समूह समेत उद्योगों के लिए एक बहुत ही अनुशासित और प्रशिक्षित युवाओं को भी उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने आगे कहा, हम अग्निवीरों की क्षमताओं को पहचानते हैं। टाटा समूह में उस मौके का स्वागत करते हैं जो इनका प्रतिनिधित्व करता है।
बता दें अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में उग्र विरोध प्रदर्शन हुए थे जबकि कईजगहों पर योजना के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन हुए। भारतीय रेलवे को हिंसा का खामियाजा भुगतना पड़ा था। विरोध के चलते सोमवार को पांच सौ से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी गईं।

कई विपक्षी राजनीतिक दलों और बड़ी संख्या में सैन्य विशेषज्ञों ने भी इस अल्पकालिक भर्ती योजना की आलोचना की है और कहा है कि इससे सशस्त्र बलों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून को की गई थी। योजना में साढ़े 17 वर्ष से 21 की आयु के युवाओं को केवल चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। चार साल की सेवा के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों को रिटायर्ड कर दिया जाएगा वहीं 25 प्रतिशत की चार साल की सेवा के बाद भी आगे बहाली जारी रहेगी। ये 75 प्रतिशत अग्निवीर बिना पेंशन लाभ के सेवानिवृत्त होंगे। सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों के बीच अग्निवीर के लिए आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 कर दी है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें