मुंबई हादसा : महराजगंज में एक साथ जलीं सात चिताएं, रो पड़ा पूरा गांव

Facebook
X
WhatsApp

मुंबई के कुर्ला में भवन गिरने से उत्‍तर प्रदेश महराजगंज के आठ युवकों की मृत्यु के बाद गुरुवार की देर रात को जब सभी शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने सात शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। रोहिन नदी के किनारे सेमरहवा गांव के कुरहवा घाट पर एक तरफ पांच व दूसरे तट पर दो चिताएं सजाई गईं। यहां हनुमानगढ़िया गांव के कुशहर प्रजापति, श्यामू प्रजापति, अनूप गौड़, धोतियहवा गांव के अनिल व संपतिया गांव के विपिन व सेमरहवा के अनूप राजभर व शिकंदर राजभर का अंतिम संस्कार देर रात किया गया। एक साथ सात शवों को जलता देख ग्रामीण रो पड़े।

इस दौरान पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। कजरी गांव के अरविंद भारती का अंतिम संस्कार शुक्रवार की सुबह करने का निर्णय स्वजन ने लिया है। चौकी प्रभारी अड्डा बाजार हरि किशोर मिश्र ने बताया कि सात शवों का अंतिम संस्कार रात में ही किया जा रहा है।

मृत युवकों का शव देर रात गांव में पहुंचा तो कोहराम मच गया। आधी रात एंबुलेंस में शव देखते ही चीख पुखार मच गई। एक साथ आठ शव देखकर लोगों का कलेजा दहल गया। सेमरहवा निवासी सिकंदर, अनूप, हनुमानगढ़िया निवासी कुशहर प्रजापति, श्यामू व अनूप गौड़, धोतिहवा निवासी अनिल, कजरी गांव के अरविंद भारती और संपत्तिया के विपिन का शव मुंबई से हवाई जहाज से बनारस एयरपोर्ट पर आया। वहां से चार एंबुलेंस में दो-दो शव रखकर स्वजन देर रात गांव पहुंचे। शव देखते ही स्वजन शव से लिपट कर रोने लगे।

कौशल्या जहां विपिन को गले लगाकर बेहोश हो जा रही थी, महिमा पति कुशहर की मृत्यु पर बदहवास थी। पास-पड़ोस की महिलाएं उसे संभालने और समझाने में जुटी रहीं। वहीं कुशहर के शव से लिपट कर रोते माता-पिता को दीपक सांत्वना देता नजर आया। आधी रात को ही दरवाजे पर हुजूम उमड़ पड़ा। हर चौखट पर चीख पुकार और बेबसी का मंजर था। हृदय विदारक इस द्श्य को देखकर हर कोई गमगीन रहा और लोगों का कलेजा कांप उठा। वहीं कुछ ग्रामीण शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। शव गांव में पहुंचते ही पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया। एसडीएम नौतनवा दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि मुंबई से सभी आठ शव संबंधित लोगों के गांव पहुंच गए हैं।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें