OMG: ‘अभी मैं जिंदा हूं’ की तख्तियां गले में लटकाए DM के पास पहुंचे 6 बुजुर्ग, जानिए क्या है पूरा मामला

Facebook
X
WhatsApp

सरकारी सिस्टम का भी अपना अनोखा फंडा है. जिसे चाहे मृत घोषित कर दे और जिसे चाहे जिंदा. इसलिए तो कहते हैं कि मुर्दा बोलता है. जी हां, बुंदेलखंड के महोबा जिले में एक नहीं, दो नहीं बल्कि पांच लोगों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई. अब वह जिंदा होने का सबूत लेकर सरकारी चौखट पर जिंदा होने की गुहार लगा रहे है।

आपको बता दे की कबरई विकास खंड के पचपहरा गांव के रहने बाले पांच व्यक्ति गले मे में जिंदा होने की तख्ती अपने गले मे लगाए धूम रहे हैं. यह अपने गले में ‘अभी मैं जिंदा हूं’ का जीता जागता सबूत दे रहे हैं. तो वहीं सरकारी सिस्टम को कोस रहे हैं. वृद्धावस्था पेंशन धारक बुजुर्गों का आरोप है कि गांव के पूर्व पंचायत सेकेट्री विक्रमादित्य ने रंजिश के सरमन, गिरजरानी, कालिया, सुरजी नन्दकिशोर, राकेश रानी को जिंदा होने के बाबजूद सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्शा दिया गया. जिसके चलते गरीब असहाय बुजुर्गों को शासन की महत्वाकांक्षी बृद्ध पेंशन योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।

इन पांच जिंदा लोगो मे किसी के पास भी अपनी जीविका चलाने का साधन नही है, जिसके चलते आज यह सभी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गले मे तख्ती डालकर अपने जिंदा होने का सबूत दे रहे हैं।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें