राजस्‍थान की वो महिला SDM जो रात में बजरी के अवैध परिवहन पर SHO से भिड़ गईं

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भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ उपखंड में पुलिस नाकेबंदी के दौरान बिना जांच थाने के बाहर से निकल रहे बजरी भरे एक डंपर के मामले में महिला एसडीएम नेहा छीपा और बिगोद थाना अधिकारी ठाकाराम आपस में उलझ गए. तनातनी के बाद पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी को तो लाइन हाजिर कर दिया. इस मामले में दोनों ने अपने-अपने तर्क रखकर विवाद को और पेचीदा बना दिया है. दरअसल हुआ यूं कि सोमवार रात को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित राजस्व मंत्री रामलाल जाट की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेकर एसडीएम नेहा छिपा रात 9:00 बजे मांडलगढ़ जा रही थी. रास्ते में उन्हें बजरी से भरा डंपर जाता दिखा. बिगोद थाने के बाहर एसएचओ ठाकराराम नाकेबंदी कर रहे थे. डंपर का पीछा करते हुए जब एसडीएम वहा पहुंचीं तो उन्हें डंपर नहीं दिखा. इस पर एसडीएम ने थाना अधिकारी से पूछताछ की और आपस में उलझ गए. एसडीएम ने आरोप लगाया कि थाना अधिकारी ने बिना जांच के बजरी भरे डंपर को जाने दिया. इस पर थानाधिकारी भड़क गए और उन्होंने कहा कि मैंने कोई डंपर ही नहीं देखा है तो फिर छोड़ने की बात कहां से आई।

भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ उपखंड में पुलिस नाकेबंदी के दौरान बिना जांच थाने के बाहर से निकल रहे बजरी भरे एक डंपर के मामले में महिला एसडीएम नेहा छीपा और बिगोद थाना अधिकारी ठाकाराम आपस में उलझ गए. तनातनी के बाद पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी को तो लाइन हाजिर कर दिया. इस मामले में दोनों ने अपने-अपने तर्क रखकर विवाद को और पेचीदा बना दिया है. दरअसल हुआ यूं कि सोमवार रात को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित राजस्व मंत्री रामलाल जाट की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेकर एसडीएम नेहा छिपा रात 9:00 बजे मांडलगढ़ जा रही थी. रास्ते में उन्हें बजरी से भरा डंपर जाता दिखा. बिगोद थाने के बाहर एसएचओ ठाकराराम नाकेबंदी कर रहे थे. डंपर का पीछा करते हुए जब एसडीएम वहा पहुंचीं तो उन्हें डंपर नहीं दिखा. इस पर एसडीएम ने थाना अधिकारी से पूछताछ की और आपस में उलझ गए. एसडीएम ने आरोप लगाया कि थाना अधिकारी ने बिना जांच के बजरी भरे डंपर को जाने दिया. इस पर थानाधिकारी भड़क गए और उन्होंने कहा कि मैंने कोई डंपर ही नहीं देखा है तो फिर छोड़ने की बात कहां से आई।

पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की: नेहा छीपा
दूसरी ओर मांडलगढ़ एसडीएम नेहा छीपा का कहना, “थाने के बाहर बेरीकेटिंग थी. मैंने बजरी भरा डंपर जाते हुए देखा. पुलिस ने चेक नहीं किया. मैं थाने में गई और पूछा कि जो डंपर निकला है उसकी रवाना पर्ची और दस्तावेज आपने देखे थे? इस पर थानेदार ठाकराराम गुस्सा हो गए. मैं थाने में रूटीन जांच करने लगी तो पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की. मैंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की. थाने में एक युवक को भी बैठा रखा था जिस पर चोरी का आरोप था लेकिन मेरी पूछताछ के बाद पुलिस कस्टडी दिखाई गई. मैं अपने उपखंड क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन या अन्य कोई गैरकानूनी काम नहीं होने दूंगी।

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