अमृता अस्पताल की इमारत जितनी बड़ी, उतना ही आध्यात्मिकता के लिहाज से आलौकिक: पीएम मोदी

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फरीदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरीदाबाद में अमृता अस्पताल का उद्घाटन किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फरीदाबाद में आरोग्य का इतना बड़ा संस्थान प्रतिष्ठित हो रहा है. यह अस्पताल इमारत और तकनीक के लिहाज से जितना बड़ा है उतना ही आध्यात्मिकता के लिहाज से आलोकिक है. इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही देश ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के अमृतकाल में प्रवेश किया है. अमृतकाल में देश के सामूहिक प्रयास प्रतिष्ठित हो रहे हैं. देश के सामूहिक विचार जागृत हो रहे हैं. मुझे खुशी है कि अमृत काल की इस बेला में मां अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत भी देश को मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जहां, इलाज एक सेवा है, आरोग्य एक दान है. जहां आरोग्य आध्यात्म, दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.हमारे यहां आयुर्विज्ञान एक वेद है. हमने हमारी मेडिकल साइंस को भी आयुर्वेद का नाम दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम बार-बार सुनते आए हैं- न हमें राज्य की कामना है, न स्वर्ग के सुख की इच्छा है. हमारी कामना है कि हमें बस दुखियों की, रोगियों की पीड़ा दूर करने का सौभाग्य मिलता रहे. हमारे धार्मिक और सामाजिक संस्थानों द्वारा शिक्षा-चिकित्सा से जुड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन की ये व्यवस्था एक तरह से पुराने समय का PPP मॉडल ही है. इसे Public Private Partnership तो कहते ही हैं लेकिन मैं इसे ‘परस्पर प्रयास’ के तौर पर भी देखता हूं।

इस बार लाल किले से मैंने अमृतकाल के ‘पंच प्रणों’ का एक विजन देश के सामने रखा है. इन पंच प्रणों में से एक है- गुलामी की मानसिकता का संपूर्ण त्याग. इसकी इस समय देश में खूब चर्चा भी हो रही है. इस मानसिकता का जब हम त्याग करते हैं, तो हमारे कार्यों की दिशा भी बदल जाती है।

पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को ध्यान होगा कि जब भारत ने अपनी वैक्सीन बनाई थी, तो कुछ लोगों ने इसका दुष्प्रचार करने की कोशिश की थी. इस दुष्प्रचार की वजह से समाज में कई तरह की अफवाहें फैलने लगी थीं. लेकिन जब समाज के धर्मगुरु, आध्यात्मिक गुरु एक साथ आए, उन्होंने लोगों को अफवाहों पर ध्यान ना देने को कहा, तो उसका तुरंत असर हुआ. भारत को उस तरह की वैक्सीन hesitancy का सामना नहीं करना पड़ा, जैसा अन्य देशों में देखने को मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि इसी तरह, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ में भी हरियाणा के लोगों ने बेहतरीन काम किया है. फिटनेस और खेल जैसे विषय तो हरियाणा के संस्कारों में ही हैं. तीन वर्ष पहले देश ने जल जीवन मिशन जैसे देशव्यापी अभियान की शुरुआत की थी. इन तीन वर्षों में देश के 7 करोड़ नए ग्रामीण परिवारों को नल से जल पहुंचाया जा चुका है. हरियाणा आज देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जहां घर-घर पाइप से पानी की सुविधा से जुड़ चुका है।

पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को ध्यान होगा कि जब भारत ने अपनी वैक्सीन बनाई थी, तो कुछ लोगों ने इसका दुष्प्रचार करने की कोशिश की थी. इस दुष्प्रचार की वजह से समाज में कई तरह की अफवाहें फैलने लगी थीं. लेकिन जब समाज के धर्मगुरु, आध्यात्मिक गुरु एक साथ आए, उन्होंने लोगों को अफवाहों पर ध्यान ना देने को कहा, तो उसका तुरंत असर हुआ. भारत को उस तरह की वैक्सीन hesitancy का सामना नहीं करना पड़ा, जैसा अन्य देशों में देखने को मिला।

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