ट्विन टावर: ध्वस्तीकरण से पहले इस गांव का दर्द, क्या 15 हजार लोगों की जान की कोई कीमत नहीं?

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नोएडा: नोएडा सेक्टर-93 ए में सुपरटेक ट्विन टावर गिरने में अब सिर्फ कुछ ही घंटे बचे हैं. इसी बीच ध्वस्तीकरण से महज 300 मीटर की दूरी पर रहने वाले करीब 15 हजार की आबादी वाले गांव के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं. ट्विन टावर के सबसे नजदीक बसे गांव गेझा के लोगों का कहना है कि हमारे लिए प्रशासन ने किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की है।

गांव के रहने वाले एडवोकेट कंचन लोहिया ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन गांव के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन ने अभी तक गांव के लोगों के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है. गेझा समेत कई गांव के लोगों का कहना है कि आसपास की सोसाइटी के लोगों के लिए प्रशासन ने आठ एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी इंतजाम किया गया है।

गांवों के हितों के लिए काम करने वाली संस्था नोवरा के अध्यक्ष रंजन तोमर कहते हैं कि प्रशासन लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रहा है. इनका कहना है कि आसपास की सोसाइटी में काम करने वाले लोगों को कोई जानकारी नहीं दी गई है. गांव में रहने वाले अभिषेक कुमार बताते हैं कि लोगों को एक डर यह भी सता रहा है कि ध्वस्तीकरण के बाद का प्रभाव अगर गांव के लोगों पर आता है तो इसके लिए जवाबदेही किसकी तय होगी।

जब मिडिया ने ग्रामीणों की आवाज बनकर प्रशासन से सवाल पूछा तो उनके पास कोई जवाब ही नहीं था. ना ही नोएडा के जीएम प्लानिंग इश्तियाक अहमद से कोई संतोषजनक जवाब मिला. उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों में रहें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

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