नाबालिग बेटी ने पिता के बेटे को दिया जन्म, हैवान पिता जेल में काट रहा उम्रकैद की सजा

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अमरोहा। पिता की हैवानियत का शिकार हुई नाबालिग बेटी ने नौ माह तक पिता का पाप कोख में पाला। अमरोहा जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म भी दिया, लेकिन मेरठ ले जाते समय नवजात की मृत्यु हो गई। स्वजन ने नवजात को सुपुर्दे खाक कर दिया है। उधर, बच्चे को जन्म देने वाली नाबालिग बेटी स्वस्थ्य है।

यह मामला अमरोहा जनपद के डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाला मजदूर अपनी नाबालिग बेटी को डरा-धमका कर शराब के नशे में दुष्कर्म करता आ रहा था। बेटी गर्भवती हो गई थी। 13 जून को उसकी तबीयत खराब हुई तो मां व भाई चिकित्सक के पास ले गए थे। जहां चिकित्सक ने बेटी के गर्भवती होने की जानकारी दी थी।

अल्ट्रासाउंड में सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। पूछताछ में बेटी ने स्वजन को पिता की करतूत बता दी थी। बेटी सात माह की गर्भवती थी तो उसने पिता की करतूत समाज के सामने आने के बाद बच्चे को जन्म देने की ठान ली थी। घर पर ही स्वजन उसकी देखरेख कर रहे थे।

रविवार रात प्रसव पीड़ा होने पर स्वजन ने बेटी को लगभग नौ बजे पहले जोया के सीएचसी में भर्ती कराया था। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां रात 10 बजे पीड़िता ने सामान्य प्रसव के दौरान बेटे को जन्म दिया। परंतु नवजात की हालत ठीक नहीं थी। स्वजन उसे मेरठ ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। सोमवार सुबह स्वजन ने नवजात के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया है।

बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपित पिता के विरुद्ध 14 जून की रात डिडौली कोतवाली में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। 15 जून को आरोपित पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एसएसआइ सुक्रमपाल राणा ने की थी। मात्र पांच दिन में उन्होंने विवेचना कर 20 जून को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 23 जून को अदालत में फाइल चार्ज हुई तथा सुनवाई शुरू कर दी गई थी। मंगलवार को छठे दिन विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह ने पिता को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

क्या कहते हैं अधिकारी
जिला अस्पताल की प्रसव कक्ष प्रभरी चंद्रमुखी ने बताया कि रविवार रात 10 बजे बेटी ने जिला अस्पताल में सामान्य प्रसव के दौरान बेटे को जन्म दिया था। परंतु नवजात को सांस लेने में दिक्कत थी। लिहाजा उसे रेफर किया गया था। स्वजन मेरठ ले जा रहे थे। रास्ते में नवजात की मृत्यु होने की सूचना स्वजन ने जिला अस्पताल में दी है। सीओ सदर विजय कुमार राणा का कहना है कि दुष्कर्म पीड़िता द्वारा बच्चे को जन्म दिए जाने व उसकी मृत्यु के संबंध में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है। इस मामले में पिता को सजा सुनाई जा चुकी है।

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