चौकी इंचार्ज परिवार को नहीं देते थे समय, पति की बेरुखी से पत्नी ने की बेटे के साथ आत्महत्या

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बस्ती: यूपी के बस्ती सदर कोतवाली के सिविल लाइन चौकी इंचार्ज रिजवान अली की पत्नी और 10 साल के बेटे का शव मंगलवार रात उनके घर में फंदे से लटकता मिला था। शव का पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करा दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने से मौत होने की बात सामने आई है। पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है। अभी तक पुलिस की जांच में मामला पारिवारिक कलह से जोड़ कर देखा जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को गृह जनपद श्रावस्ती के लिए रवाना कर दिया गया।

2017 बैच के एसआई रिजवान अली श्रावस्ती के गिलौला के रहने वाले हैं। पिछले एक साल से खौरहवा मोहल्ले में किराये के मकान में रहते थे। मंगलवार रात वह ड्यूटी पर थे। उनका छोटा भाई इरफान कोचिंग पढ़ाकर घर पहुंचा तो काफी देर आवाज देने के बाद दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद मकान मालिक को बुलाया। रोशनदान से देखने पर एसआई रिजवान की पत्नी रईशा और बेटे शोएब का शव फंदे से लटकता देख सन्न रह गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पत्नी और बेटे की मौत की सूचना पर एसआई रिजवान अली ने आपा खो बैठे और घर में रखे सामान को तोड़फोड़ दिया। उन्हें पुलिस ने किसी तरह से संभाला।

अब तक की जांच में पूरा मामला पारिवारिक कलह से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवार को समय न देने का एसआई रिजवान अली को बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। ड्यूटी में व्यस्तता की वजह से वह परिवार को समय नहीं दे पा रहे थे, अक्सर दोपहर का खाना खाने घर नहीं जा पाते थे। पत्नी बार-बार फोन करती थी, लेकिन ड्यूटी में व्यस्तता की वजह से घर नहीं जा पाते थे, जिसकी वजह से पत्नी मानसिक रूप से परेशान रहती थी। परिवार को समय न देने की एसआई रिजवान अली को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।

ड्यूटी की वजह से खाना घर पर नहीं खाने जाते थे रिजवान
पत्नी और बेटे की मौत से एसआई रिजवान अली गहरे सदमे में हैं। उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी पत्नी और बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे। रिजवान शहर की सबसे व्यस्त पुलिस चौकी सिविल लाइन पर तैनात हैं। शहर की इस वीआईपी पुलिस चौकी पर काफी व्यस्तता रहती है। यहां तैनात पुलिस कर्मियों को हमेशा भागदौड़ करनी पड़ती है। वीआईपी दौरा, धरना प्रदर्शन, सरकारी प्रोग्राम में इस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी रहती है। डेली के प्रोग्रामों मे इस चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज को दिनभर व्यस्त रहना पड़ता है। एसआई रिजवान अली पिछले दो दिनों से व्यस्तता की वजह से घर पर खाना खाने नहीं जा पा रहे थे। पत्नी का फोन आने के बाद भी खाने का और परिवार को समय देने का मौका नहीं मिल पाता था। ड्यूटी की वजह से परिवार को समय न दे पाना इतना भारी पड़ जाएगा, रिजवान अली को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा।

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