कानपुर: सरसैया घाट में गाय पर हमला करने वाले विदेशी नस्ल के खूंखार पिटबुल कुत्ते को नगर निगम ने कब्जे में ले लिया है। फूलबाग स्थित कुत्तों के बंध्याकरण के लिए बने अस्पताल में उसे रखा गया है। साथ ही कुत्ते के मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सरसैया घाट के समीप रहने वाले सुमित मिश्रा के घर में पल रहे पिटबुल कुत्ते ने गुरुवार को गाय का जबड़ा पकड़ लिया था। लोगों ने डंडा और सरिया से कुत्ते को पीटा लेकिन, उसने गाय को नहीं छोड़ा। आखिरकार, गाय को नदी में पानी की तरफ धकेला गया, तब कुत्ते से गाय का पीछा छूटा।
मामले का वीडियो प्रचलित हुआ तो पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। कैटल कैचिंग दस्ते ने पिटबुल को पकड़कर हिरासत में ले लिया है। नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आरके निरंजन ने बताया कि पिटबुल के मालिक सुमित मिश्रा पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कुत्ते की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। कुत्ता तभी मालिक को दिया जाएगा जब उसकी पंजीकरण, लाइसेंस और वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। कुत्ते के रखने और टहलने की व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।
पिटबुल और राड वीलर का होगा सर्वे : मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि शहर में पिटबुल और राड वीलर नस्ल के कुत्तों का सर्वे कराया जाएगा। एक हफ्ते में इन विदेशी कुत्ता रखने वालों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
सड़क पर घूम रही गाय के हमले में हाथ टूटा : कुत्तों के अलावा सड़क पर घूम रहे जानवर भी लोगों के लिए दुर्घटना की वजह बन रहे हैं। शुक्रवार को शास्त्रीनगर के अरविंद प्रताप सिंह पर गाय ने हमला बोल दिया, जिसमें उनका बायां हाथ टूट गया।
क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि कई लोगों ने गाय पाला हुआ है लेकिन दूध निकालने के बाद उन्हें सड़क पर छोड़ देते है। इसके पूर्व जानवरों के हमले में एक बुजुर्ग की मौत तक हो चुकी है। लोगों ने कहा कि नगर निगम की टीम नींद में रहती है। उन्हें सड़कों पर घूमते जानवर नजर ही नहीं आते।
सड़क पर जानवर खुला छोड़ने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। लोगों ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि शनिवार को टीम भेजकर शास्त्रीनगर में खुले में घूम रहे जानवरों को पकड़ा जाएगा।









