बेटियों के जन्म में UP में दूसरे नंबर पर गाजियाबाद, प्रयागराज अव्वल

Facebook
X
WhatsApp

उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद दूसरा ऐसा जिला हैं, जहां सबसे ज्यादा बेटियां जन्म ले रही हैं। पहले नंबर पर प्रयागराज है। नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे के आकड़े बताते हैं कि गाजियाबाद में कन्या भ्रूण हत्या में कमी आई है, जिससे बालिका जन्मदर में सुधार आया है। जनपद में बेटों के मुकाबले 182 ज्यादा बेटियों का जन्म हो रहा है। यानी 1000 बेटियों पर 1,182 बेटियां जन्म ले रही हैं।

उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद दूसरा ऐसा जिला हैं, जहां सबसे ज्यादा बेटियां जन्म ले रही हैं। पहले नंबर पर प्रयागराज है। नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे के आकड़े बताते हैं कि गाजियाबाद में कन्या भ्रूण हत्या में कमी आई है, जिससे बालिका जन्मदर में सुधार आया है। जनपद में बेटों के मुकाबले 182 ज्यादा बेटियों का जन्म हो रहा है। यानी 1000 बेटियों पर 1,182 बेटियां जन्म ले रही हैं।

पांच साल बाद फिर से नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे के आकड़े जारी किए गए हैं। साल 2015-16 के सर्वे में पाया गया था कि जनपद में एक हजार बेटों पर 907 बेटियों जन्म ले रही थीं। लेकिन साल 2020-21 के आकड़ों के अनुसार बाल जन्म लिंगानुपात में काफी सुधार आया है। अब गाजियाबाद में बेटों से ज्यादा बेटियां जन्म ले रही हैं, जिसमें गाजियाबाद दूसरे स्थान पर रहा है। वहीं, प्रयागराज में एक हजार बेटों पर 1,191 बेटियां जन्म ले रही हैं।

विभागीय अधिकारी बोले- सरकारी योजनाओं का असर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं के कारण देखने को मिला है। बेटी बचाओ पेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आए दिन जागरूता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिनके माध्यम से बताया जाता रहा है कि बेटियां बेटों से कम नहीं होती हैं। जो काम बेटे कर सकते हैं वह बेटियां भी कर सकती हैं। पहले लोग बेटियों को सिर्फ घर का काम करने के लिए ही समझते थे। लेकिन लोगों की सोच बदलने से आज के समाज में काफी बदलाव देखने को मिला है। अब बेटियां हर क्षेत्र में अपने सपनों को उड़ान दे रही हैं।

जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र में पूर्व के दशकों में बाल लिंगानुपात कम रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन के किए गए प्रयासों से जनपद गाजियाबाद सिर्फ पश्चिमी क्षेत्र में सर्वाधिक बाल जन्म लिंगानुुपात होने के साथ ही पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है।

मंडल में पहले स्थान पर
गाजियाबाद 1182
मेरठ 926
बुलंदशहर 841
बागपत 818
हापुड़ 785
गौतमबुद्धनगर 735
(नोट एक हजार बेटों पर बेटियां)

प्रदेश में स्थिति
प्रयागराज 1,191
गाजियाबाद 1,182
हरदोई 1,097
बरेली 1,084
कुशीनगर 1,080

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें