Dhanteras 2022: आज और कल दो दिन धनतेरस पर अमृत फलदायी है त्रिपुष्कर महायोग, पूजन का विशेष मुहूर्त समय

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कानपुर: पंचदिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत शनिवार को धनतेरस पूजन के साथ हो रही है। धनतेरस के पर्व को धन त्रयोदशी और धनवंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस बार दो दिन की धनतेरस का योग बना है, हालांकि पूजन का समय पहले दिन ही है।

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानी धन त्रयोदशी तिथि 22 अक्टूबर को शाम 4.33 से शुरू होकर 23 अक्टूबर को शाम 5.04 बजे रहेगी। इस वर्ष त्रिपुष्कर महायोग में धनतेरस का पर्व अमृत फलदायी होगा। इन दिन खरीददारी करने से परिवार में सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।

पद्मेश इंस्टीट्यूट आफ वेदिक साइंसेस के संस्थापक पंडित केए दुबे पद्मेश और धूनी ध्यान केंद्र के आचार्य अमरेश मिश्र ने बताया कि पूजन शाम 7.03 बजे से शुरू होकर 8.59 तक होगा। यह मुहूर्त धन लक्ष्मी पूजन के लिए शुभकारी होगा। उन्होंने बताया कि शुभ-लाभ की कामना से माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए धनतेरस पर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना शुभकारी रहेगा।

वहीं, 23 अक्टूबर को नरक चतुदर्शी पर चार मुख वाला दीप घर के बाहर जलाने से यम को प्रसन्न करने के लिए रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में आने वाले बाधाएं घर में प्रवेश नहीं करेंगी। इसके अगले दिन 24 अक्टूबर को हस्त नक्षत्र में दीपोत्सव का पर्व मनाया जाएगा।

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