विजयवाड़ा: दिवाली त्योहार के समीप आते ही पटाखे की दुकानें सज जाती हैं. दीपावली के मौके पर आतिशबाजी की परंपरा है. इस दौरान अलगलगी की घटनाएं भी सामने आती हैं. ऐसा ही एक मामला आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में सामने आया है. शहर के एक पटाखे की दुकान में अचानक से आग लग गई. देखते ही देखते दुकान धू-धू कर जलने लगी. दरअसल, गांधी नगर के जिमखाना ग्राउंड में पटाखे के स्टॉल लगाए गए थे. उन्हीं में से एक में आग लग गई. आग लगने की यह घटना रविवार सुबह की है।
दिवाली त्योहार के समय देश के विभिन्न हिस्सों से आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं. इस दौरान अग्निशमन विभाग को अलर्ट पर रखा जाता है. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से पहले राज्य के ही चित्तूर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी. बताया जाता है कि आग लगने की यह घटना चित्तूर जिले के वडामलपेटा की है. देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी. इससे आसपास की अन्य दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं. दुकानों में रखे पटाखों के फटने से आग ने और भी भयावह रूप धारण कर लिया. आग की भयावहता को इसी से समझा जा सकता है कि आसपास के स्थानीय लोग वहां से भाग गए।
तकरीबन 30 साल पहले साल 1992 में दिवाली 25 अक्टूबर को मनाई गई थी. रोशनी का यह त्योहार आज भी झरिया के लोगों के जेहन में कैद है. उस काली रात को याद कर स्थानीय लोग सिहर उठते हैं. दरअसल, तकरीबन 30 साल पहले 25 अक्टूबर को दीपावली के दिन झरिया बाजार की सिंदुरिया पट्टी में पटाखे की दुकान में भीषण आग लग गई थी. इस हादसे में 2 दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
दिवाली पर अक्सर कई बच्चे अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं. गंभीर हालत में हर साल दिवाली और उसके अगले दिन बर्न इंजरी के कई केस PGI में पहुंचते हैं. ऐसे में चंडीगढ़ PGI ने एडवाइजरी जारी की है. PGI ने शहरवासियों से सुरक्षित और इको-सेंसिटिव दिवाली मनाने की अपील की है. वहीं, लोगों को बताया है कि बर्न इंजरी से बचने के लिए क्या करें. दिवाली पर एडवांस आई सेंटर 24 घंटे खुला रहेगा. PGI का प्लास्टिक सर्जरी विभाग भी दिवाली पर होने वाली बर्न इंजरी वाले मरीजों के इलाज को लेकर तैयार है।








