बाराबंकी : तहसील फतेहपुर में सात नवम्बर को देव दीपावली, तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे तहसीलदार

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फतेहपुर : आगामी 7 नवंबर को आयोजित होने वाली देव दीपावली कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ को लेकर चल रही तैयारियों का स्थानीय तहसील प्रशासन ने जायजा लिया। इस कार्यक्रम मे 6 गोताखोर और भारी पुलिस व्यवस्था एवं पीएसी बल तैनात रहेगा।

देव दीपावली का कार्यक्रम स्थानीय शक्तिधाम महादेव तालाब पर धूमधाम से मनाया जायेगा। जिसमें सवा लाख दीपकों से जहां मंदिर परिसर प्रकाशमान होगा। यहां सारी रात भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम मे क्षेत्र के ही नही कई जनपदों के लोग इस कार्यक्रम मे भाग लेने के लिए आते है।

इसके लिए प्रशासन ने जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था कैसे सुदृढ हो इसके लिए तैयारियां चल रही है। तहसीलदार राहुल सिंह ने आज मौके का जायजा लिया और कहा कि तालाब के चारों ओर बैरिकेेटिंग और भीड को देखने के लिए सहूलियत कैसे होगी। इसके लिए जगह-जगह महोत्सव कार्यक्रम के वालेंटियर तैयार किये जाये और आसपास वाहनों को लेकर जाम न लगे जिससे पैदल श्रद्धालुओं का आवागमन प्रभावित न हो इसके लिए उन्होने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

किसी भी अनहोनी निपटने के लिए 5 गोताखोरो को भी तैयार किया गया है।जो कार्यक्रम के दौरान तालाब के आसपास रहेंगे। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय, नगर पंचायत कर्मी आफताब आलम, नदीम अहमद तथा आयोजन समिति के सदस्य राजेश पाठक, मूलकृष्ण तिवारी, बिन्दू श्रीवास्तव, गोपाल विष्वकर्मा आदि मौजूद थे।

देव दीपावली क्यों मनाई जाती है इस सम्बन्ध में ज्योतिषाचार्य पं0 अखिलेश चन्द्र शास्त्री का कहना है कि कार्तिक माह की अमावस्या तिथि की दीपावली मनाने के पश्चात पूर्णिमा के दिन देव दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन देवताओं ने पृथ्वी पर आकर गंगा किनारे घाटों का भ्रमण करते है।

देव दीपावली के दिन गंगा स्नान, दान, विधान एवं संकीर्तन एवं दीप प्रज्जवलन से लोगो को पुण्यार्जन होता है। इस देव दीपावली के दिन ही भगवान शिव ने तिरूपुणा नामक राक्षस का वध किया था इस कारण कुछ लोग इसे तिरूपुणा पूर्णिमा भी कहते है इसी दिन भगवान का मत्स्य अवतार हुआ था इसलिए देव दीपावली का पर्व सनातन धर्म मे एक महत्वपूर्ण पर्व है।

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