लखनऊ: लोक संस्कृति शोध संस्थान ने घोषित किये पुरस्कार, 11 विभूतियों को मिलेगा सम्मान

Facebook
X
WhatsApp

लखनऊ। लोक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा हर वर्ष लोक साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्द्धन की दिशा में कार्य कर रहे कुछ खास लोगों को सम्मानित किया जाता है। संस्थान द्वारा प्रति वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 11 विभूतियों को सम्मानित किया जाता है।
लोक संस्कृति शोध संस्थान, उ.प्र. की सचिव सुधा द्विवेदी ने बताया कि विगत 22 नवम्बर को संस्थान की प्रबंधकारिणी समिति ने निर्णायक मंडल की संस्तुतियों के आधार पर पुरस्कारों के लिए नामों को अंतिम मंजूरी दे दी है। आगामी 27, 28 व 29 दिसम्बर को लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय लोक विमर्श-2022 के दौरान यह सम्मान समारोह होगा।
इस वर्ष लोक संस्कृति के संवर्धन एवं संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान को पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह लोक संस्कृति ध्वजवाहक सम्मान दिया जाएगा।

इन विभूतियों को मिलेगा सम्मान
1- आरती पांडेय स्मृति लोक संगीत साधक सम्मान – डॉ. अंजू भारती (लखनऊ)
2- पद्मश्री डॉ. योगेश प्रवीन स्मृति लोक संस्कृति सम्मान – श्रीमती इन्द्रा श्रीवास्तव, (लखनऊ)
3- प्रभा श्रीवास्तव स्मृति लोक कथा सम्मान – डॉ. श्रीमती मृणालिका ओझा (रायपुर, छत्तीसगढ़)
4- शोभा देवी स्मृति लोक संस्कृति अनुरागी सम्मान – श्रीमती भावना शुक्ला (अम्बेडकरनगर)
5- रमावती देवी स्मृति लोक संगीत साधक सम्मान – श्रीमती ऋचा जोशी (लखनऊ)
6- जे.पी.लम्बोदर स्मृति युवा साहित्यकार सम्मान – इंजी. ललित शौर्य (बरेली)
7- सीताराम तिवारी स्मृति लोक संस्कृति अनुरागी सम्मान – डॉ. हरनाम सिंह (देवरिया)
8- सुशीला बोरा स्मृति लोक संस्कृति अनुरागी सम्मान – श्रीमती हेमलता त्रिपाठी (कुशीनगर)
9- पं. सत्यनारायण शुक्ला स्मृति लोक सेवा सम्मान – श्री देवी प्रसाद गुप्ता (हमीरपुर)
10- प्रो. कमला श्रीवास्तव लोक संगीत ध्वजवाहक सम्मान – श्रीमती वन्दना शुक्ला (लखनऊ)
11- पद्मश्री डॉ. विद्या विन्दु सिंह लोक संस्कृति ध्वजवाहक सम्मान – श्री नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, पत्रकार/समाजसेवी (लखनऊ)

रिपोर्ट- अमरेन्द्र सिंह  

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें