Punjab: कुछ ही देर में रिहा होगा अमृतपाल का साथी लवप्रीत तूफान, अजनाला कोर्ट ने पुलिस को दिए आदेश

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Punjab: वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह के साथी लवप्रीत तूफान को कुछ ही देर में रिहा कर दिया जाएगा। अजनाला कोर्ट ने पुलिस को आदेश दे दिए हैं। इससे पहले एसएसपी ने कहा था कि तूफान ने सबूत पेश किए कि वह मौके पर मौजूद नहीं था। हमने इसे कोर्ट में जमा कर दिया है। अमृतपाल के साथी पप्पल प्रीत सिंह ने कहा कि अमृतपाल निजी लड़ाई नहीं लड़ रहा है, वह सिख कौम की लड़ाई लड़ रहा है उन्होंने कहा कि तूफान की रिहाई के बाद उनके सभी कार्यकर्ता श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने भी जाएंगे

वहीं वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने कहा कि खालिस्तान के हमारे उद्देश्य को बुराई और वर्जित के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे बौद्धिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए कि इसके भू-राजनीतिक लाभ क्या हो सकते हैं। यह एक विचारधारा है और विचारधारा कभी मरती नहीं है। हम दिल्ली से कुछ नहीं मांग रहे हैं।

वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल के साथियों पर दर्ज मामलों की जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी। पुलिस के इस आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर धरना जारी रखा है। पंजाब पुलिस बार्डर जोन के आईजी मुनीष चावला और अमृतसर (ग्रामीण) के एसएसपी सतिंदर सिंह का कहना है कि वारिस पंजाब दे के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधिकारियों की बैठक हो गई है।

संगठन के कार्यकर्ताओं ने धरना वापस लेने की बात मान ली और आश्वासन दिया कि कार्यकर्ता किसी भी तरह माहौल खराब नहीं करेंगे। पुलिस की ओर से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जत्थेबंदी के कार्यकर्ता लवप्रीत सिंह उर्फ तूफान को शुक्रवार सुबह रिहा कर देगी। मामला रद्द करने व इसकी तह तक जांच करने के लिए एसआईटी बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जत्थेबंदी के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधिकारियों की बातचीत बढ़िया माहौल में हुई है। इस दौरान उनके साथ अलग-अलग पुलिस अधिकारियों के साथ अमृतसर पुलिस के कमिश्नर जसकरण सिंह भी मौजूद रहे।

लवप्रीत को साथ लेकर ही जाएंगे: अमृतपाल

अमृतपाल सिंह ने भी कहा कि उनके संगठन की पुलिस से बातचीत हो गई है। पुलिस ने लवप्रीत सिंह को शुक्रवार सुबह रिहा करने का भरोसा दिया है। यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए एसआइटी बनाई जाएगी। सुबह जब पुलिस लवप्रीत को रिहा कर देगी तो हम वापस चले जाएंगे।

यह है मामला

17 फरवरी को अमृतपाल सिंह, उसके छह साथियों और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना अजनाला में पुलिस ने वरिंदर सिंह नाम के युवक के बयान पर मामला दर्ज किया था। वरिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि अमृतपाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया, मारपीट की और उसके ककारों की बेअदबी की। उसकी धन राशि भी लूट ली। इस मामले में पुलिस ने अमृतपाल के साथियों को पकड़ने के लिए छापमारी शुरू कर दी थी। गुरुवार को अमृतपाल ने पंजाब भर के अपने समर्थकों को थाना अजनाला पहुंचने का आह्वान किया था।

जब पुलिस ने अमृतपाल के समर्थकों को थाने की तरफ बढ़ने से रोका तो लाठियों, गंडासों, तलवारों, राइफलों व भालों से लैस होकर आए लोगों ने बैरिकेड तोड़ डाले। वह पुलिस कर्मचारियों के साथ हिंसक झड़प करते हुए थाना परसिर में घुस गए। इसी दौरान अमृतपाल के गांव जल्लू खेड़ा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप वाली गाड़ी थाने पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि अमृतपाल पावन स्वरूप वाली गाड़ी साथ लेकर आया था। हमने श्री गुरु साहिब जी के स्वरूप की मर्यादा को मुख्य रख कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। उल्लेखनीय है कि पटियाला हिंसा और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, शिवसेना नेता सुधीर सूरी व डेरा प्रेम प्रदीप सिंह की हत्या जैसी घटनाओं से पंजाब की कानून-व्यवस्था पहले ही सवालों के घेरे में है।

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