Accident In Lucknow: अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर अनौरा कलां गांव के पास सोमवार रात ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक पलट गई। पीछे से आ रही यात्रियों से भरी निजी बस इससे टकराने के बाद डिवाइडर को तोड़ते हुए सड़क के दूसरी ओर घर में जा घुसी। हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। इनमें बस चालक व कंडक्टर समेत तीन की हालत गंभीर है। पुलिस ने लोगों की मदद से यात्रियों को बस से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
राजस्थान ट्रांसपोर्ट कंपनी की बस सोमवार को 36 यात्रियों को लेकर देवरिया से जयपुर जा रही थी। (Accident In Lucknow) रात करीब साढ़े नौ बजे अनौरा कलां गांव के पास इसके आगे चल रही ईंटों से ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। चालक ने बस को संभालने की कोशिश की पर नाकाम रहा। इससे बस डिवाइडर को तोड़ते हुए सड़क की दूसरी तरफ स्थित घर में जाकर घुस गई। हादसा देख हड़कंप मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलाकाई लोगों की मदद से बस में सवार सभी लोगों को निकाला। हादसे में ट्रैक्टर चालक बाराबंकी निवासी मुसीद (30) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उसके साथ ट्रैक्टर पर मौजूद मनोज सिर में गंभीर चोटें आने से बेहोश हो गया। बस में सवार आधा दर्जन लोग भी घायल हो गए। इनमें से तीन की हालत नाजुक है। सभी घायल लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।
सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा
बस राजाराम नाम के शख्स के घर से टकराई। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में हादसा कैद हुआ। इसके मुताबिक हादसा रात 9:35 बजे हुआ। गनीमत रही कि वहां पर कोई मौजूद नहीं था। बस मालिक ने देर रात दूसरी बस से यात्रियों को गंतव्य तक भिजवाया।
पलक झपकते हुआ हादसा, यकीन नहीं हो रहा जिंदा हूं
ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे ही पलटी बस चालक ने बचने के लिए ब्रेक लगाई। चूंकि दूरी इतनी कम थी कि पूरी तरह बस नहीं रुक और ट्रॉली से टकराकर डिवाइडर पारकर घर में जाकर घुस गई। हादसे से बस सवार यात्री सहम गए। दहशत के पल उनके दिल और दिमाग में कैद हो गए। उनका कहना था कि पलक झपकते हादसा हुआ। कुछ समझ ही नहीं आया। ऐसा लगा कि जिंदा नहीं बच पाएंगे।
बस निकलने के बाद घर वालों को कॉल किया
हादसे के दौरान मोबाइल चला रहा था। अचानक सीट से गिर पड़ा और मोबाइल छूट गया लगा कि किसी बड़े पत्थर से टकरा गई। एक पल को तो जिंदा बचने की उम्मीद ही नहीं थी। बस रूकी तो बाहर निकला और सबसे पहले घर वालों को कॉल कर हालचाल बताया। -मेघनाथ, गोरखपुर
परिवार के साथ घर लौट रहा था। देवरिया एक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। बस की टिकट के अलावा नहीं मिला तो मजबूरी में इससे जाना पड़ रहा था। हादसे के दौरान पूरा परिवार आंखों के सामने था। लगा कि कोई नहीं बचेगा। बाहर से कुछ लोगों की आवाज आई तो सबसे पहले बच्चों और पत्नी को आवाज दिया तो सभी ने जवाब दिया। तब जाकर जान में जान आई। -निर्मल सोनी, झुनझुनु
https://youtu.be/V8pzMc2KpRU









