Bihar Hooch Tragedy: शराब में ऐसा क्या है जो उसे जहरीला बनाता है, जिससे बिहार में 8 मौते हुईं

Facebook
X
WhatsApp

Bihar Hooch Tragedy: बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब पीने से कई मौते हुई हैं. यहां के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब के कारण 8 लोगों ने दम तोड़ा और 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई. अस्पताल में पीड़ितों का इलाज चल रहा है. उनका कहना है, शराब पीने के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ी. डॉक्टर्स इसकी वजह जहरीली शराब को बता रहे हैं. यह पहला मामला नहीं है, जब बिहार में ऐसा हुआ है. ड्राय स्टेट कहे जाने वाले बिहार और गुजरात में पिछले साल भी ऐसे कई मामले सामने आए थे.

ऐसे में सवाल है कि शराब में ऐसा क्या है जो उसे जहरीला बनाती है और इस तरह की शराब शरीर पर कितना बुरा असर छोड़ती है.

शराब कब और कैसे बन जाती है जहरीली?

कच्ची यानी देसी शराब को बनाने में महुआ के फूल, गन्ने का रस, चीन, जौ, मकई, आलू, चावल और सड़े हुए संतरे का प्रयोग किया जाता है. ये सभी स्टार्च वाली चीजें होती हैं और इनमें ईस्ट मिलाकर इसका फर्मेंटेशन कराया जाता है.

इस प्रॉसेस के दौरान इसमें ऑक्सीटॉक्सिन का प्रयोग होता है. (Bihar Hooch Tragedy) इसके अलावा नौसादर, बेसरमबेल की पत्तियां और यूरिया डाली जाती है. इसे भट्टी पर चढ़ाया जाता है और उबाल से तैयार होने वाली भाप से शराब बनती है. इसके बाद इसमें मिलाया जाता है मेथेनॉल. यहीं से इसमें जहरीला असर आना शुरू होता है.
मेथेनॉल मिलाने के बाद फर्मेंटेशन की प्रॉसेस पूरी होने पर एथिल अल्कोहल वाली शराब मेथिल अल्कोहल में तब्दील हो जाती है. यही मेथिल अल्कोहल ही शराब को जहरीला बनाता है.

देसी शराब शरीर में जहर का काम क्यों करती है?

सारा खेल शरीर में मेथिल अल्कोहल के पहुंचने के बाद होता है. जब यह शरीर में पहुंचता है तो फार्मिक एसिड जहर में बदल जाता है. यही शराब पीने वालों के दिमाग पर बुरा असर होता है. इसका रिएक्शन तेजी से होता है और शरीर के अंदरूनी अंग काम करना बंद करने लगते हैं. हालांकि एक से दूसरे इंसान में इस प्रक्रिया का असर जल्दी या देर में दिख सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में मौत होती है या उन्हें दिखना बंद हो जाता है.

बिहार में शराब बंदी के बावजूद राज्य में कच्ची शराब बनाई जा रही है. शराबबंदी के कारण इसकी मांग बढ़ी है. नशे के लिए कई बार लोग अपनी जान से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे कहता है कि बिहार में करीब 15 फीसदी ऐसे लोग भी हैं जो शराबबंदी के बावजूद इसे रोजाना पी रहे हैं.
पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब लोगों की मौत हुई, लेकिन अब भी यहां धड़ल्ले से शराब माफियाअें का राज कायम है. हालांकि बिहार सरकार दावा करती है कि शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लगी हुई है.

https://youtu.be/vTcY7nv2TZw

ये भी पढ़े…https://sunilvermamediagroup.com/?p=47864

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें