Amethi News: अमेठी में 22 साल की महिला का शव एक अस्पताल के सामने रखकर उसके परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया. परिजन का आरोप है कि डॉक्टरों की कथित लापरवाही की वजह से युवती की मौत हुई है. इस बीच, कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. ग्रामीणों के अनुसार मुंशीगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के राम शाहपुर गांव निवासी 22 वर्षीय दिव्या को पेट दर्द की शिकायत थी. वह संजय गांधी अस्पताल इलाज के लिए आई तो डॉक्टरों ने पित्त की थैली में पथरी होना बताया और 14 सितंबर को ऑपरेशन के लिए बेहोशी का इंजेक्शन देकर ऑपरेशन थियेटर ले गए.
पिडिता को अस्पताल में पडा था दिल का दौरा
वहीं उन्होने बताया कि, आपरेशन से पहले ही दिव्या कोमा में चली गई और जब 30 घंटे तक होश नहीं आया. उसके बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया. (Amethi News) आगे दिव्या के पति शुक्ला ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडिता को अस्पताल में दिल का दौरा भी पड़ा था. आगे शुक्ला ने बताया कि दिव्या कि शनिवार सुबह चार बजे मौत हो गई जिसके बाद उन्होंने अस्पताल केडॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. अस्पताल के महाप्रबंधक अवधेश शर्मा ने बताया कि दिव्या को 14 सितंबर को एनेस्थीसिया की दवा का रिएक्शन हो गया था. उन्हें भी आज सुबह यह जानकारी मिली है की दिव्या की मृत्यु हो गई है.
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन रात करीब आठ बजे शुरू हुआ. प्रदर्शनकारी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं. संजय गांधी अस्पताल का संचालन संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, नयी दिल्ली द्वारा किया जाता है. सोनिया गांधी न्यास की अध्यक्ष हैं जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके सदस्य हैं. अमेठी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) इलामारन जी ने बताया कि इस मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर जांच टीम गठित कर दी गई है और शीघ्र रिपोर्ट आने के बाद विधि संगत कार्रवाई की जाएगी. परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.
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