Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut News) में वन विभाग द्वारा भूमि खाली करने से नाराज होकर आत्मदाह का प्रयास करने वाले किसान जगबीर की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। उधर,किसान के गांव के लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
घटना की गंभीरता को समझते हुए आज शनिवार को घटनास्थल इलाके के एसडीएम अखिलेश यादव थाना प्रभारी विजय बहादुर के साथ गांव में पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराने और पीड़ित किसान परिवार को हर संभव आर्थिक मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) January 6, 2024
एसडीएम ने किसानों को जिला प्रशासन द्वारा की जा रही अब तक की कार्यवाही की बावत जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन ने एडीएम प्रशासन अमित कुमार और एसपी देहात कमलेश बहादुर को घटना की जांच सौंप दी है। जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Meerut News: ये है पूरा मामला?
बता दें कि मेरठ जनपद के हस्तिनापुर क्षेत्र के अलीपुर मोरना गांव में जगबीर नाम के 53 वर्षीय किसान ने शुक्रवार को तहसील प्रांगण में अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया था। जिसके बाद किसान को मेरठ के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वैसे, जिला प्रशासन इस प्रशासन इस मामले में सरकारी पक्ष की गलती मानने से इंकार कर रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत थी, जिससे अतिक्रमण हटाया गया था। किसान जगबीर जमीन की दोबारा से पैमाइश की एप्लीकेशन लेकर पहुंचे थे, लेकिन जांच और कार्रवाई से पहले ही आत्मदाह कर लिया।
उधर,राज्यमंत्री दिनेश खटीक जो कि क्षेत्र के विधायक भी हैं ने अस्पताल पहुंच कर घायल किसान के स्वास्थ्य के बारे में अस्पताल के चिकित्सकों से जानकारी ली। घटना के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता पीड़ित के बेहतर इलाज की है। रहा सवाल घटना का तो घटना की जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।










