India-Maldives Tension: भारत के बिल्कुल पड़ोस में स्थित छोटा – सा द्वीपीय देश मालदीव में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है, वहां की नई सरकार ने एक तरह से भारत के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। मामला नियंत्रण से तब बाहर हुआ, जब वहां के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। अब वहां की सरकार अंदर और बाहर दोनों तरफ से घिर गई है। एक तरफ जहां मालदीव की संसद में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह अलग-थलग पड़ता जा रहा है।
'सरकार की मर्यादा बनाए रखें', कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी की मंत्रियों को नसीहत. #india24x7livetv #NewsUpdate #PMModi pic.twitter.com/N3enxUfNMY
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) January 9, 2024
इजरायल ने मालदीव को बड़ा झटका देते हुए लक्षद्वीप को लेकर भारत सरकार के प्रयास का समर्थन किया है। दरअसल, पीएम मोदी चाहते हैं कि भारतीय पर्यटक विदेशी धरती के बजाय लक्षद्वीप में आकर छुट्टियां मनाएं और यहां के मनोरम समुद्र तटों का आनंद लें। मालदीव सरकार के कुछ नेताओं को इसी बात की मिर्ची लग गई। क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय मालदीव छुट्टियां मनाने जाते हैं, जो कि लक्षद्वीप के बिल्कुल नजदीक है और दोनों जगह की सुंदरता भी एक जैसी है। ऐसे में अगर भारतीय पर्यटक लक्षद्वीप का रूख करते हैं तो मालदीव की माली हालत बिगड़नी तय है।
India-Maldives Tension: लक्षद्वीप पर भारत को मिला इजरायल का साथ
भारत में स्थित इजरायली दूतावास ने एक्स पर लक्षद्वीप की कुछ तस्वीरें और वीडियो शेयर की हैं। इसे शेयर करते हुए लिखा है – हम पिछले साल वॉटर ट्रीटमेंट कार्यक्रम शुरू करने के लिए केंद्र सरकार के अनुरोध पर लक्षद्वीप गए थे। इजरायल इस योजना पर काम शुरू करने के लिए तैयार है। उन लोगों के लिए जो अभी तक लक्षद्वीप की सुंदरता को नहीं देख पाए हैं। यहां उनके लिए कुछ तस्वीरें हैं।
आम चुनाव के दौरान मालदीव में भारत विरोधी कैंपेन की अगुवाई करने वाले राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का दांव उलटा पड़ गया है। उनके मंत्रियों की हरकत ने देश के लोगों के सामने आर्थिक खतरा उत्पन्न कर दिया है। क्योंकि इस देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर निर्भर है, वो भी भारतीय पर्यटकों की आमद पर। मंत्रियों की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद से भारतीयों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने अब मालदीव न जाने का फैसला किया है। भारत के प्रमुख यात्रा मंच ‘ईजमाईट्रिप’ ने तो मालदीव की बुकिंग ही बंद कर दी है।
इन सबसे से मालदीव में हाहाकार मच गया है। मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (MATI) ने बयान जारी कर अपने ही सरकार के मंत्रियों की आलोचना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत हमारा निकटतम पड़ोसी और सहयोगी है। इतिहास में जब भी हम पर संकट आया, भारत की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई। पूर्व उपराष्ट्रपति अहमद अदीब ने कहा कि मालदीव सरकार को तुरंत भारत सरकार से माफी मांगनी चाहिए।










