UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र 29 जुलाई से शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इस बार विधानसभा के मानूसन सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार है। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है। संसद सत्र में भी सपा ने मोदी सरकार पर जमकर प्रहार किया था, अब यहां भी सपा योगी सरकार को निशाने पर लेगी। वहीं, सरकार ने भी विपक्ष को जवाब देने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
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बता दें कि लोकसभा चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा का यह पहला सत्र होगा। चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि भाजपा गठबंधन सिर्फ 34 सीटें जीतने में ही कामयाब हो पाया, जो बीते लोकसभा चुनाव – 2019 से कम है। लोकसभा चुनाव 2014 में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने 73 और 2019 के चुनाव में 64 सीटों पर जीत हासिल की थी। समाजवादी पार्टी की बढ़ती ताकत यानी लोकसभा चुनाव में मिली बंपर जीत का असर भी विधानसभा सत्र के दौरान देखने को मिलेगा।

UP News : विपक्ष दिखेगा आक्रामक
सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दल कई मुद्दों को लेकर आक्रामक दिखाई देगा। बताया जा रहा है कि किसान, बेरोजगारी, जातीय जनगणना, पेपर लीक अपराध के मुद्दे योगी सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के मुद्दों से निपटने के लिए खास रणनीति तैयार कर ली है। हालांकि इस पर अभी नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, इसे लेकर अभी संशय बरकरार है।

UP News : नेता प्रतिपक्ष अभी तय नहीं
इस बार विधानसभा सत्र में कौन नेता प्रतिपक्ष होगा, यह अभी तय नहीं है। दरअसल, सदन में अभी तक नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव थे, लेकिन वह कन्नौज सीट से सांसद बन गए हैं। इसके बाद उन्होंने करहल विधानसभा से अपनी इस्तीफा दे दिया है। समाजवादी पार्टी ने अभी तक नए नेता प्रतिपक्ष को नहीं चुना है। सदन शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष चुना जा सकता है।

UP News : ये बन सकते हैं नेता प्रतिपक्ष

- समाजवादी पार्टी में नेता प्रतिपक्ष के लिए सबसे बड़ा नाम शिवपाल यादव का है। वह 2009 से 2012 तक नेता प्रतिपक्ष रह भी चुके हैं। माना जा रहा है कि परिवारवाद का आरोप झेल रही सपा शिवपाल यादव को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाएगी।
- सपा नेताओं में दूसरा बड़ा नाम राम गोविंद चौधरी का है, वह नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। इसके साथ ही वह अखिलेश यादव के काफी विश्वस्त भी माने जाते हैं।
- इसके अलावा सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का नाम भी नेता प्रतिपक्ष की रेस में है। वह वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के उपनेता सदन हैं। वह पासी जाति से आते हैं। वह सपा के पीडीए फॉर्मूले में भी फिट बैठते दिखाई दे रहे हैं।
- इसके अलावा रामअचल राजभर को भी नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है। वह पिछड़ा वर्ग से आते हैं। इसके साथ ही उनकी सभी जातियों में अच्छी पकड़ भी मानी जाती है।
- https://youtu.be/-OE2Umrd8uM?si=aUyFNLghALdEpkRy









