Attack on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले के बाद सियासी घमासान और तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांचरापाड़ा में ममता बनर्जी की हत्या की साजिश रची गई थी। कल्याण बनर्जी ने सीधे तौर पर शुभेंदु अधिकारी को इस कथित साजिश से जोड़ा।
सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह रहा कि कल्याण बनर्जी जब ये आरोप लगा रहे थे, उस वक्त ममता बनर्जी खुद उनके साथ मौजूद थीं। उनके साथ टीएमसी सांसद डोला सेन भी थीं। मंच से उठे इन आरोपों ने बंगाल की राजनीति में पहले से जारी टकराव को और विस्फोटक बना दिया है।
Attack on Mamata Banerjee: ‘ममता को हाथ लगाया तो पूरा बंगाल जल उठेगा’
कल्याण बनर्जी ने हमले को लेकर बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि अगर ममता बनर्जी को किसी ने हाथ लगाने की कोशिश की तो इसका असर पूरे पश्चिम बंगाल में दिखाई देगा।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी और उनके सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के कारण वहां मौजूद लोग बच सके। कल्याण बनर्जी ने यहां तक आरोप लगाया कि अगर स्थानीय पुलिस के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
टीएमसी सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ममता बनर्जी की गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर कैसे फेंके गए?
‘शुभेंदु सरकार ने पुलिस को खुली छूट दी’
कल्याण बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी पर सिर्फ हमले का आरोप ही नहीं लगाया, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पुलिस को पूरी तरह खुली छूट दे रखी है और इसी वजह से बंगाल में कस्टोडियल डेथ जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
टीएमसी सांसद ने पत्रकारों को मोबाइल पर एक वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि उसमें स्थानीय विधायक कथित तौर पर पुलिस की ‘थर्ड डिग्री’ कार्रवाई की बात कर रहे हैं। इस दावे ने पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ममता बनर्जी बोलीं- पुलिस के सामने ही गाड़ी पर बरसे पत्थर
कल्याण बनर्जी के आरोपों के बीच ममता बनर्जी ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। ममता ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे और पुलिस के सामने ही उनकी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए।
ममता ने कहा कि वह मृतक की पत्नी से पहले ही बात कर चुकी थीं और उनसे मिलने के लिए वहां पहुंची थीं। इसके बावजूद सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
ममता के बयान ने प्रशासन और पुलिस की तैयारियों पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।
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स्थानीय विधायक पर भी ममता का हमला
ममता बनर्जी ने स्थानीय विधायक पर भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विधायक ने मृतक की पत्नी से कथित तौर पर कहा था कि वह घर से बाहर न निकलें।
ममता ने कहा कि उन्होंने मृतक के बड़े भाई से मुलाकात की है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने साफ संकेत दिया कि मामला अब सड़क से अदालत तक ले जाया जाएगा।
हमले से गरमाई बंगाल की सियासत
ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले ने बंगाल की सियासत में आग भड़का दी है। एक तरफ टीएमसी इसे सुरक्षा में बड़ी चूक और राजनीतिक साजिश बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों ने राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।
कल्याण बनर्जी का ‘हत्या की साजिश’ वाला आरोप इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक बिंदु बन गया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और शुभेंदु अधिकारी की ओर से इस दावे पर प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि ममता बनर्जी के काफिले पर हमला कैसे हुआ, बल्कि यह भी है कि क्या यह महज कानून-व्यवस्था की चूक थी या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक साजिश थी? इस सवाल का जवाब जांच और सामने आने वाले तथ्यों से ही साफ होगा।









