Auraiya News: कान्हा के प्यार में मीरा बनी युवती, मूर्ति के साथ लिए 7 फेरे; सिंदूर नहीं चंदन से भरी मांग

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Auraiya News: यूपी के औरैया जनपद के बिधूना कोतवाली क्षेत्र के भरथना रोड स्थित आवास पर एक ऐसा विवाह संपन्न हुआ, जिसको देख हर कोई हैरान रह गया. यहां पर कृष्ण भक्ति में लीन युवती ने अपना सारा जीवन कान्हा के साथ रहने की ठानते हुए हिन्दू रीति रिवाज से भगवान कृष्ण से शादी कर ली. परिजनों द्वारा हिंदू रीति रिवाज से साथ विवाह कार्यक्रम संपन्न कराकर विदाई भी की गई है. दरअसल कस्बे के निवासी रणजीत सिंह सोलंकी की 31 वर्षीय बेटी रक्षा सोलंकी ने कान्हा की भक्ति भावना में लीन होकर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के साथ शादी कर ली है.

पिछले साल जुलाई महीने में परिजनों के साथ युवती वृंदावन गई थी. (Auraiya News) वहां से लौटने के बाद वो कृष्ण भक्ति में रम गई. उसने कई बार अपने परिवार से भगवान कृष्ण से शादी करने की इच्छा जाहिर की थी. युवती द्वारा बताया गया कि एक बार स्वपन में भगवान श्री कृष्ण के साथ शादी रचाई थी. बेटी को श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन देख परिजन भी बात को नहीं टाल सके और खुद बेटी के हाथ पीले कर दिए.

परिजनों ने बारात का किया धूमधाम से स्वागत

विवाह कराने वाले पंडित रुद्रेश शुक्ला द्वारा शनिवार की देर रात विधि विधान से कान्हा जी का द्वारचार कराकर जयमाला आदि कार्यक्रम करवाया गया. इसके बाद अन्य शादी की रस्में अदा की गई. रविवार की भोर पहर युवती ने कान्हा जी के साथ सात फेरे लेकर खुद को भगवान के हवाले कर दिया. युवती के परिजनों द्वारा बारातियों के लिए खानपान से लेकर अन्य आवभगत की व्यवस्था भी की गई. देर रात आनंद सोलंकी द्वारा भाई की सभी रस्में अदा की गई.

विदाई कार्यक्रम के बाद कान्हा जी के साथ कार पर सवार होकर युवती रिश्तेदार के यहां पहुंची. वहां पर भगवान की भक्ति में लीन युवती को देखने के लिए भीड़ एकत्रित हो गई. युवती द्वारा कान्हा जी के साथ रचाई गई शादी के साक्षी बने स्वजन समेत रिश्तेदार सभी बेहद खुश नजर आए.

सिंदूर से नहीं चंदन से भरी गई मांग

भगवान श्रीकृष्ण की दुल्हन बनी रक्षा सोलंकी ने कान्हा जी के नाम की हाथों में मेंहदी रचाई थी. वहीं महिलाओं द्वारा मंगलगीत गाए गए. शादी की परंपरा के अनुसार दुल्हा दुल्हन की मांग सिंदूर से भरता है लेकिन इस शादी की परंपरा भी कुछ अलग हुई यहां रक्षा सोलंकी की ओर से खुद भगवान श्रीकृष्ण के नाम की चंदन से मांग भरी गई.

हाथों में पीतल के कान्हा जी को स्वजन की ओर से सोने की जंजीर,अंगूठी, कानों के कुंडल और चांदी की मुरली, मुकुट खड़ुवा, बंशी और चरणपादुका वहीं युवती के लिए सोने का मांगटीका,अंगूठी, मंगलसूत्र,पायलें आदि जेवरात दिए गए. मायके पक्ष के लोगो के द्वारा सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर बेटी को अपने दामाद श्री कृष्ण के साथ विदा किया गया.

https://youtu.be/k1lTPVUDLHg

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