Bihar political news: मकर संक्रांति से पहले पटना की सियासत में दही-चूड़ा की खुशबू के साथ-साथ सियासी हलचल भी तेज हो गई। सदाकत आश्रम में लगा भोज आमतौर पर उत्सव और मेल-मिलाप का प्रतीक होता है, लेकिन इस बार यही आयोजन राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। जहां थालियों में दही-चूड़ा परोसा जा रहा था, वहीं गलियारों में सवाल परोसे जा रहे थे कि क्या कांग्रेस में सब कुछ ठीक चल रहा है?
Bihar political news: सदाकत आश्रम का भोज और खाली कुर्सियां
पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय यादव की ओर से दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था। (Bihar political news) यह आयोजन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए रखा गया था, लेकिन चर्चा तब शुरू हुई जब महागठबंधन के बड़े नेता तो दूर, कांग्रेस के मौजूदा छह विधायक भी इसमें नजर नहीं आए। खाली कुर्सियों ने तस्वीरों से ज्यादा बातें कह दीं। आयोजकों ने सफाई दी कि यह कार्यक्रम केवल कार्यकर्ताओं के लिए था, लेकिन सियासी गलियारों में इसे संगठन की कमजोरी से जोड़कर देखा जाने लगा।
Also Read –Ritesh Pandey: PK को लगा करारा आघात! रितेश ने छोड़ा जन सुराज का साथ, बिहार सियासत में मची हलचल
जदयू का तंज और सियासी हमला
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। (Bihar political news) उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और खरमास के बाद पार्टी में बड़ी टूट तय है। उनके तंज ने माहौल और गर्म कर दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि दही फट गया और चूड़ा बासी हो गया, इसलिए कोई विधायक नहीं पहुंचा। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया।
कांग्रेस का पलटवार
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति भाईचारे और सद्भाव का त्योहार है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। (Bihar political news) उन्होंने जदयू पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर आरोप लगाने की बात है तो कांग्रेस भी कह सकती है कि जदयू और भाजपा के विधायक उनके संपर्क में हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस के सभी छह विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पाला बदलने की खबरें महज अफवाह हैं।
Also Read –Shiv Thakare Marriage: शिव ठाकरे ने कर ली शादी सोशल मीडिया पर शेयर की फ़ोटो, जाने कौन है दुल्हनिया?
खरमास के बाद बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
सिर्फ जदयू ही नहीं, बल्कि एनडीए के अन्य दलों ने भी कांग्रेस के विधायकों के पाला बदलने के संकेत दिए हैं। एलजेपी (रामविलास) और भाजपा नेताओं के बयान भी इसी ओर इशारा करते हैं। पिछले चुनाव के आंकड़े भी इस बहस को हवा दे रहे हैं, जहां कांग्रेस को 61 सीटों में से सिर्फ 6 पर जीत मिली थी। (Bihar political news) अब सवाल यही है कि क्या दही-चूड़ा भोज के बाद बिहार की राजनीति में सचमुच कोई बड़ा उलटफेर होने वाला है, या यह सब सिर्फ सियासी बयानबाजी का शोर है?















