Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में घमासान छिड़ गया है। पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की वजह से ही पार्टी को इतनी बुरी हार का सामना करना पड़ा।
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले पूर्व कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी शैलजा और राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को इस हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव को लेकर उनकी ओर से कराया गया सर्वे पूरी तरह फर्जी था। उन्होंने कहा कि चुनाव अभियान के दौरान पार्टी में एकजुटता नहीं दिखी।

Chhattisgarh News :बृहस्पत सिंह का आरोप
बृहस्पत सिंह ने कहा कि कांग्रेस को अपने ही नेताओं के कारण हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उन्होंने अपने ही नेताओं के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया।
रांची पहुंचकर बोले चिराग पासवान- मोदी जी की गारंटी है, भ्रष्टाचारी को छोड़ा नहीं जाएगा. #india24x7livetv #NewsUpdate pic.twitter.com/CGukRm55j0
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उन्होंने कहा कि टीएस सिंहदेव खुलकर कहा करते थे कि कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना था कि हमने जनता के साथ किए गए सारे वादे पूरे कर दिए हैं जबकि सिंहदेव ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि हमने 36 में से सिर्फ 12 वादे पूरे किए हैं। उन्होंने एक तरह से हाईकमान को चुनौती दे डाली। अगर उस समय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई होती तो कांग्रेस को इतना खामियाजा न भुगतना पड़ता।

Chhattisgarh News : जय सिंह अग्रवाल का आरोप
जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि विधायकों की परफॉर्मेंस का सर्वे सरकार का मुखिया करता है। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया की ओर से कराया गया सर्वे पूरी तरह फर्जी था और सच्चाई तो यह है कि सरकार पिछले जनादेश की कद्र नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि राज्य के कई मंत्रियों के हाथ में कोई पावर ही नहीं था और कुछ मंत्रियों को साथ लेकर पांच साल तक सरकार चलाई गई। विभिन्न जिलों में मंत्रियों के असर को कम करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया का पूरा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों पर था और शहरों की पूरी तरह अनदेखी गई। सरकार को पिछले चुनाव के दौरान प्रचंड जनादेश मिला था मगर सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने में विफल साबित हुई।

Chhattisgarh News : कांग्रेस के लिए चुनौतियां
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी के सामने कई चुनौतियां हैं। इनमें से कुछ प्रमुख चुनौतियां निम्नलिखित हैं:
गुटबाजी को खत्म करना: कांग्रेस पार्टी को सबसे पहले अपने नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी को खत्म करना होगा। इसके लिए पार्टी नेतृत्व को सख्त कदम उठाने होंगे।

जनता से जुड़ना: कांग्रेस पार्टी को जनता से फिर से जुड़ने की जरूरत है। इसके लिए पार्टी को अपने कामों को जनता के सामने लाना होगा और जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए काम करना होगा। एक मजबूत रणनीति बनाना: कांग्रेस पार्टी को आने वाले चुनावों के लिए एक मजबूत रणनीति बनानी होगी। पार्टी को जमीनी स्तर पर काम करना होगा और जनता से सीधा संपर्क साधना होगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार एक बड़ी चुनौती है। पार्टी को इस हार के कारणों का विश्लेषण करना होगा और इन कारणों को दूर करने के लिए कदम उठाने होंगे। अगर कांग्रेस इन चुनौतियों का सामना करने में सफल नहीं होती है, तो आने वाले चुनावों में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है।










