Kanpur Univesity: कानपुर विश्वविद्यालय में आयोजित खेल प्रतियोगिता में रविवार को विवाद हो गया। दो टीमों के खिलाड़ियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसा दिए। इस घटना में कई खिलाड़ियों को चोटें भी आई हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना कानपुर विश्वविद्यालय के खेल परिसर में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान हुई। (Kanpur Univesity) प्रतियोगिता के दौरान एक टीम के खिलाड़ी ने दूसरे टीम के खिलाड़ी पर एक गलत निर्णय का आरोप लगाया। इस बात को लेकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसा दिए।

इस घटना में कई खिलाड़ियों को चोटें आई हैं। (Kanpur Univesity) घायल खिलाड़ियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। (Kanpur Univesity) विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि यह एक गंभीर घटना है। हम इस मामले की जांच करा रहे हैं। दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि को धक्का लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
Kanpur Univesity: अन्य खिलाड़ियो ने काटा बवाल
वहीं खिलाड़ियों के बीच में हो रही मारपीट के दौरान यूनिवर्सिटी में मौजूद सिक्योरिटी ऑफिसर डिप्टी रजिस्ट्रार और स्पोर्ट्स सेक्रेट्री सहित कई लोग इस पूरे मामले में बीच बचाव करते हुए नजर भी आए. जैसे तैसे इस पूरे मामले में हो रहे विवाद को यूनिवर्सिटी प्रशासन और दोनों अलग-अलग टीमों के कोचों में मिलकर इस विवाद को थाम लिया. (Kanpur Univesity) वहीं दो गुटों के खिलाड़ियों के बीच में मारपीट के बाद सैकड़ो की तादाद में खिलाड़ियों ने बवाल काट दिया.
कानपुर विश्वविद्यालय में आयोजित जूडो चैंपियनशिप में 58 यूनिवर्सिटी के प्लेयर्स पार्टिसिपेट कर रहे थे. वहीं इस बवाल को देखकर अन्य खिलाड़ियों में भी डर का माहौल बन गया. फिलहाल इस पूरे मामले में अभी कानपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी जवाब सामने नहीं आया है. वहीं, अब विश्वविद्यालय प्रशासन इस वायरल वीडियो के चलते पूरे मामले को दबाने का प्रयास करता हुआ नजर आ रहा है.













