Delhi blast UP connection: दिल्ली में हुए धमाकों और फरीदाबाद से बरामद हुए विस्फोटकों की गूंज अब यूपी तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ में सोमवार देर रात कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे शहर का माहौल बदल दिया। रात के करीब 11 बजे जब लोग अपने घरों में चैन की नींद सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी मड़ियांव इलाके में अचानक सुरक्षा एजेंसियों का जमावड़ा लग गया। दर्जनों पुलिसकर्मी और एटीएस की गाड़ियां एक डॉक्टर के घर के बाहर पहुंचीं और देखते ही देखते पूरा इलाका सुरक्षाबलों के घेरे में आ गया।
Delhi blast UP connection: डॉ. परवेज के घर पर घंटों चली तलाशी
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सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने मड़ियांव निवासी डॉ. परवेज अंसारी के आवास पर छापेमारी की। (Delhi blast UP connection) यह कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली। टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। रातभर इलाके में लोगों के बीच दहशत और जिज्ञासा का माहौल रहा। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर एक डॉक्टर के घर पर इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों हो रही है।
दिल्ली धमाके से जुड़ सकते हैं तार
जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और निजी फाइलें मिली हैं। अब इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शुरुआती सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में हुए धमाके और फरीदाबाद में बरामद विस्फोटकों के बीच कुछ कड़ियां जुड़ सकती हैं। (Delhi blast UP connection) एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या डॉ. परवेज का किसी संदिग्ध नेटवर्क से कोई संपर्क था या नहीं।
डॉक्टर घर से गायब, बढ़ी रहस्य की परतें
छापेमारी के दौरान डॉ. परवेज घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की, लेकिन डॉक्टर के ठिकाने का कोई ठोस सुराग नहीं मिला। एजेंसियों ने उनके संभावित ठिकानों की खोज शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या डॉक्टर को पहले से इस कार्रवाई की भनक लग गई थी।
फरीदाबाद से लेकर लखनऊ तक फैला नेटवर्क?
सूत्रों का दावा है कि फरीदाबाद में बरामद विस्फोटकों और दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों को कई अहम लीड मिली हैं। (Delhi blast UP connection) हाल ही में जम्मू और फरीदाबाद से दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद मामला और दिलचस्प हो गया है। अब शक जताया जा रहा है कि यह नेटवर्क मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े कुछ लोगों के जरिए सक्रिय था। लखनऊ में हुई यह कार्रवाई उसी संदिग्ध नेटवर्क की अगली कड़ी मानी जा रही है।










