Female Constable: राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस भर्ती बोर्ड में तैनात महिला सिपाही (Female Constable) आंशी तिवारी ने फांसी लगा सुसाइड कर ली। उसके परिजनों ने एक युवक पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। फिलहाल इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। बता दें कि यूपी के उन्नाव जिले के गांधीनगर की रहने वाली 27 वर्षीय आंशी तिवारी यूपी पुलिस में 2019 बैच की सिपाही थीं और मौजूदा समय में हुसैनगंज स्थित पुलिस भर्ती बोर्ड में तैनात थीं। आंशी कैंट सदर के सुभाष मोहाल में किराए पर रहती थीं।
मोहल्ला क्लीनिक में फेक टेस्ट का मामला, LG ने की CBI जांच की सिफारिश. #india24x7livetv #NewsUpdates #CBI pic.twitter.com/l2M5iKpd5z
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) January 4, 2024
भाई प्रशांत तिवारी ने बताया कि मंगलवार रात 11.50 पर बहन के इटावा निवासी दोस्त का मैसेज आया कि उसका आंशी से झगड़ा हुआ है और अब वो फोन नहीं उठा रही। इस पर आंशी के परिजनों ने उसको फोन किया तो फोन नहीं उठा। बुधवार की सुबह आंशी के जीजा आलमबाग आर्दशनगर निवासी आशुतोष मिश्र ने आंशी को कई बार कॉल की पर आंशी ने फोन नहीं उठाया। इस पर आशुतोष मिश्र उनके किराए के मकान पहुंचे तो देखा की कमरा अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांक कर देखा तो आंशी का शव पंखे में पर्दे के सहारे लटकता मिला।
उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़ा और सूचना परिजनों और पुलिस को दी। कुछ ही देर में कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। खबर पाकर उन्नाव से परिजन भी आ गए। पुलिस ने छानबीन के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। छानबीन के बाद पुलिस ने आंशी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का दावा है कि आंशी ने फांसी लगाई, पर आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने आंशी के मोबाइल फोन को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। आंशी के परिवार में पिता अंजनी तिवारी, मां सुषमा, भाई प्रशांत और एक बहन हैं।
Female Constable: पांच साल पहले फेसबुक से हुई थी दोस्ती
आंशी के भाई प्रशांत का कहना है कि करीब पांच साल पहले आंशी की फेसबुक के माध्यम से इटावा के रहने वाले एक युवक से दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों करीब आ गए। कुछ दिन पहले आंशी को युवक के और लड़कियों से संबंध में बारे में पता चला तो दोनों के बीच विवाद होने लगा। परिजन ने युवक पर आंशी को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास का कहना है कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।










