Halal Certificate Case: हलाल सर्टिफिकेट वाले प्रोडक्ट की बिक्री पर क्यों लगाई रोक? सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

Halal Certificate Case: हलाल सर्टिफिकेट वाले प्रोडक्ट की बिक्री पर क्यों लगाई रोक? सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब
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Halal Certificate Case: उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने और हलाल सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्थाओं पर FIR दर्ज किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है।

चेन्नई के हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने यूपी सरकार और FSSAI के फैसले को गलत बताते हुए याचिका दाखिल की है। (Halal Certificate Case) याचिकाकर्ता ने दलील दी कि इस फैसले का पूरे देश पर असर होगा, इसलिए सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होनी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि हलाल सर्टिफिकेट एक धार्मिक प्रमाणपत्र है और इसका उपयोग करने के लिए किसी सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, यूपी सरकार का यह फैसला अवैध है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि हलाल सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्थाएं गैर-सरकारी संगठन हैं और उनके खिलाफ FIR दर्ज करना भी गलत है। (Halal Certificate Case) सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को 26 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Halal Certificate Case: हलाल सर्टिफिकेट पर रोक के पीछे सरकार का तर्क

यूपी सरकार ने हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों पर रोक लगाने के पीछे कई तर्क दिए हैं। सरकार का कहना है कि हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर कुछ लोग आर्थिक लाभ कमा रहे हैं। इसके अलावा, सरकार का कहना है कि हलाल सर्टिफिकेट का उपयोग धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

हलाल सर्टिफिकेट का महत्व

हलाल सर्टिफिकेट एक धार्मिक प्रमाणपत्र है, जिसका उपयोग मुस्लिम धर्म के अनुयायी खाद्य पदार्थों और अन्य उत्पादों के लिए करते हैं। हलाल सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए उत्पादों को इस्लामिक शरिया कानूनों के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए। भारत में कई हलाल सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्थाएं हैं। (Halal Certificate Case) इन संस्थाओं द्वारा हलाल सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए उत्पादों की जांच की जाती है। यदि उत्पाद इस्लामिक शरिया कानूनों के अनुसार तैयार किए जाते हैं, तो उन्हें हलाल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है।

हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों पर रोक का विरोध

हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों पर रोक का कई लोगों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि यह फैसला धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। इसके अलावा, उनका कहना है कि यह फैसला देश की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर

सुप्रीम कोर्ट में हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों पर रोक के मामले की सुनवाई 26 जनवरी को होगी। इस सुनवाई में यह तय होगा कि यूपी सरकार का यह फैसला कितना सही है।

https://youtu.be/xpI0XoQRwJs?si=4CqMeg4o1I3w3hxN

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