Halal Meat: कर्नाटक में बसवराज बोम्मई सरकार हलाल मीट के खिलाफ विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। इसका प्रस्ताव बनकर तैयार हो गया है। (Halal Meat) कहा जा रहा है कि सोमवार से शुरू हो रहे कर्नाटक के शीतकालीन सदन में यह विधेयक पेश किया जा सकता है। इसे लेकर हंगामे की भी उम्मीद है। हलाल मीट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ सकती है। कर्नाटक में हलाल मीट के खिलाफ विधेयक को अगले साल होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 से जोड़कर देखा जा रहा है। (Halal Meat) कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मुद्दों और लड़खड़ाते नागरिक बुनियादी ढांचे के बावजूद बोम्मई सरकार कांग्रेस पार्टी से लड़ने के लिए हिंदुत्व कार्ड चला रही है।
हिंदुत्व कार्ड पर बढ़ रही बीजेपी
आपको बता की हाल ही में हिजाब, हलाल और अंत में मंगलुरु में ऑटो-रिक्शा विस्फोट के साथ-साथ कई हत्याओं ने दोनों समुदायों के बीच लड़ाई की रेखाएं खींच दी हैं। हिजाब, हलाल हो या लव जिहाद, कर्नाटक में पिछले एक साल में सामने आईं कई घटनाएं राजनीतिक अजेंडे को मजबूती से स्थापित करती दिख रही हैं। (Halal Meat) कर्नाटक में अगले साल मई 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ रही है।

उगादि के मौके से उठा हलाल मीट विवाद
हलाल मीट का विवाद उगादि महोत्सव से शुरू हुआ। हिंदू जागृति समिति, श्रीराम सेना, बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठन कर्नाटक में सड़कों पर उतरे। (Halal Meat) मुसलमानों की दुकान से हलाल मीट न खरीदने की मांग उठी। मीट बेचने वाली दुकानों को डिस्प्ले बोर्डों से हलाल हटाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि उगादि की मौके पर चढ़ाया जाने वाला मीट झटका ही होना चाहिए। (Halal Meat) हलाल मीट का विवाद बढ़ा और बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार ने उस बिल को लाने की पहल की है जो भारतीय खाद्य सुरक्षा और सुरक्षा संघ (FSSAI) के अलावा किसी अन्य संस्था के खाद्य प्रमाणन पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास करता है। रविकुमार ने इसे एक निजी विधेयक के रूप में पेश करने की योजना बनाई और राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिखा था। अब सरकार एंटी हलाल मीट पर विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।
क्या है हलाल और झटका को लेकर विवाद
हलाल मीट को लेकर विवाद हो रहा है कि मुसलनान जानवर को मक्का की तरह मुंह करके उसके गले की नस काटते हैं। इस दौरान वह अल्ला का नाम लेते हैं। (Halal Meat) उसे तड़पा-तड़पाकर मारते हैं। मुसलमान हलाल मीट को ही खाने योग्य मानते हैं। उनमें झटका मीट खाने की मनाही होती है। हिंदुओं में जानवर की बलि झटके में दी जाती है। माना जाता है ईश्वर का नाम लेकर एक ही वार में जानवर की गर्दन धड़ से अलग कर दी जाती है। इससे जानवर को कम दर्द होता है। इसे बलि देना कहते हैं।

होटल में मीट की फरमाइश करने वाले ग्राहकों को भोजन करने से पहले पता चलना चाहिए कि वह हलाल मीट खाने जा रहे हैं या फिर झटका। पत्र में कहा गया था कि यह बात संज्ञान में आ रही है कि पंजाब के होटलों में हलाल मीट ग्राहकों को परोसा जा रहा है, (Halal Meat) जबकि हलाल मांस पर सिख धर्म में बैन है। पंजाब में सिख समुदाय बहुसंख्यक है। यही नहीं दिल्ली में उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में भी मीट के दुकानदारों को बताने को कहा गया था कि वे हलाल मांस बेच रहे हैं या झटका। होटल, ढाबा और रेस्तरां में भी नगर निगम क्षेत्र में पोस्टर के जरिए मीट के बारे में बताने के निर्देश दिए गए थे। उत्तर दिल्ली नगर निगम ने इस संबंध में प्रस्ताव को पास किया था।
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