करवा चौथ पर नगर में गणमान्य लोगों की सूझबूझ से एक रिश्ता टूटने से बच गया। महीनों से अलग रह रहे पति-पत्नी की गणमान्य लोगों की बैठक की और नतीजा ये हुआ कि परिवार की खुशियां फिर से लौट आईं।
दंपती की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी और उनकी एक बेटी भी है, जिसकी जिंदगी पर माता-पिता के अलग होने का बुरा असर पड़ सकता था, लेकिन रिश्ता टूटने से बचा तो बच्ची का भविष्य भी बेहतर होगा।
जानकारी के मुताबिक, गढ़मुक्तेश्वर नगर में रहने वाली एक महिला और उसका पति बीते कुछ महीनों से अलग अलग रह रहे थे। पति किसानी करता है और पत्नी सिलाई कढ़ाई सेंटर चलाती है। दोनों की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी और दोनों की एक बेटी भी है।
पति से अलग रह रही थी महिला
महिला ने बताया कि पति शराब पीकर अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और खर्चे के लिए पैसा भी नहीं देता था। आए दिन होने वाली मारपीट और विवाद से परेशान होकर कुछ महीनों पहले महिला ने पति का घर छोड़ दिया था और बेटी के साथ मायके में रह रही थी।
पीड़िता ने पति के खिलाफ कुछ दिनों पहले पुलिस में शिकायत करने की मन में ठानी, लेकिन समाज के लोगों ने ऐसा करने से मना कर दिया। पति-पत्नी के अलग अलग रहने के कारण उनका परिवार टूटने की कगार पर था, लेकिन करवा चौथ के दिन दोनों पक्षाें के गण मान्य लोगों ने दोनों बुलाया और फिर आमने सामने बैठाकर दोनों की करीब एक घंटे तक वार्ता की।
साथ रहने के लिए राजी हुए पति-पत्नी
समाज के लोगों ने उन्हें अलग होकर रहने के कारण जीवन में आने वाली परेशानियों, बच्चों की परवरिश में आने वाली समस्याओं के बारे में बताया जिसके बाद आखिरकार पति और पत्नी के बीच का मतभेद खत्म हो गया और वो दोनों फिर से एक दूसरे के साथ रहने के लिए राजी हो गए।
इस दौरान पति ने सामाजिक लोगों और पत्नी के सामने फिर से कभी शराब न पीने की कसम भी ली और फिर दोनों खुशी खुशी एक दूजे का हाथ थामकर अपने घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिनव पुंडीर ने जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि समाज के बीच ऐसे फैसले सराहनीय होते है, क्योंकि पति-पत्नी में मदभेद ज्यादा दिन तक नहीं होने चाहिए।









