Journalist Sunil Kumar Verma: India 24×7 लाइव टीवी के प्रधान संपादक सुनील वर्मा सोनू जी मुंबई पहुंचे .इस दौरान प्रधान संपादक सुनील वर्मा सोनू जी मुंबई में इंडिया 24×7 लाइव टीवी की एक शाखा (ब्राँच )कार्यालय पहुंचे जहां कार्यालय में तेजी से कार्य प्रगति पर चल रहा है। बता दे कि प्रधान संपादक सुनील वर्मा सोनू जी कार्यालय में मौजूद टीम से वार्तालाप की ,इसके बाद प्रधान संपादक सुनील वर्मा (सोनू जी )ने मुंबई विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति संजय देशमुख से शिष्टाचार भेंटकर उनका कुशलक्षेम जाना।
जानिए कौन है संजय देशमुख
विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति संजय देशमुख वर्ष 2001 से 2003 तक आरएसएस के थिंकटैंक रामभाऊ प्रबोधिनी म्हाल्गी के डायरेक्टर पद पर रहे देशमुख को जुलाई 2015 में एमयू का वाइस चांसलर नियुक्त किया गया था।बता दे कि गिनीज बुक में इनका नाम है. महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुंबई विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सी विद्यासागर राव ने गंभीर लापरवाही बरतने के लिए डॉ संजय देशमुख को विश्वविद्यालय के कुलपति पद से हटा दिया.अधिक लापरवाही के कारण विश्वविद्यालय के परीक्षा नतीजों में अत्यधिक देरी हुई मुंबई विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर संजय देशमुख को मंगलवार को मार्च 2017 में विश्वविद्यालय में हुई परीक्षाओं के रिजल्ट देने में नाकाम रहने में और अनदेखी करने के चलते पद से हटा दिया गया।बताया जा रहा है कि इस तरह हटाए जाने वाले वह पहले वीसी हैं।राज्यपाल ने महाराष्ट्र सरकारी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए संजय देशमुख को मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति पद से हटा दिया रिजल्ट्स में चार महीने से ज्यादा की देर होने की वजह से कई छात्रों के नौकरी पर बन आई है। पद पर नियुक्त होने पर देशमुख ने परीक्षा तंत्र में सुधार की बात कही थी मुंबई यूनिवर्सिटी के कुलपति सुहास पेडनेकर का कार्यकाल 10 सिंतबर को समाप्त हो गया था.
तब से शिवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति दिगंबर शिर्के मुबई यूनिवर्सिटी के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं. वहीं SPPU के कुलपति नितिन कर्मलकर का कार्यकाल 18 मई 2022 को समाप्त हो गया था तब से बाबासाहेब अंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लोनेरे के कुलपति करभरी काले इस पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं. महाराष्ट्र कैबिनेट ने 2018 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशानिर्देशों के अनुसार, महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 में संशोधन करने का निर्णय लिया. बता दें कि यूजीसी के नियमन के अनुसार कुलपतियों के चयन के लिए बनाई गई खोज समितियों में एक सदस्य यूजीसी के अध्यक्ष द्वारा नामित किया जाता है. हालांकि महाराष्ट्र सहित कई राज्य इस आवश्यकता का पालन नहीं कर रहे थे.इसके बाद 14 नवंबर को केरल हाई कोर्ट ने इस आधार पर की गई एक विश्विद्यालय में कुलपति की नियुक्ति को रद्द कर दिया था. इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने यूजीसी की गाइडलाइन का संज्ञान लिया और एक्ट में संशोधन करने का फैसला किया. सरकार की ओर से संशोधन का अध्यादेश जारी होने के बाद नई कमेटियों का गठन किया गया. अब राज्यपाल ने एमयू और एसपीपीयू के कुलपतियों के चयन के लिए अलग-अलग सर्च कमेटी नियुक्त की है.
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