Lakhimpur Kheri: आशीष मिश्रा के खिलाफ 26 को तय होंगे आरोप, लखीमपुर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया है 1 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

Facebook
X
WhatsApp

लखीमपुर जिले के तिकुनिया में हुई हिंसा के मुख्य आरोपित और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र को एक और झटका लगा है। जिला अदालत में 26 अप्रैल को उसके खिलाफ आरोप तय होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष की जमानत निरस्त कर दी है और एक हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है।
जिला अदालत में मंगलवार को केस की सुनवाई थी। इस दौरान आशीष के वकील अवधेश सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। इसमें कहा गया कि आशीष निर्दोष है। उसके खिलाफ केस चलाने लायक सबूत नहीं हैं। इसलिए उसे केस से डिस्चार्ज किया जाए। डीजीसी (क्राइम) अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि वह 26 अप्रैल को उक्त प्रार्थनापत्र पर अपनी लिखित आपत्ति कोर्ट के समक्ष दाखिल करेंगे।
त्रिपाठी ने बताया कि 3 जनवरी को 5000 पन्ने की एसआईटी की चार्जशीट के बाद आशीष समेत 14 अभियुक्तों पर 302, 120 बी, 307, 326, 34, 427, 147,148,149, 3/25, 5/27, 30 आर्म्स ऐक्ट का आपराधिक मामला बना है। इसका परीक्षण होगा। हिंसा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के मारे जाने के मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।

गौरतलब है कि इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आशीष की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली थी। इसके बाद 15 फरवरी को उसे जेल से रिहा कर दिया गया था। वह 129 दिन जेल में रहा था। लेकिन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए जमानत रद्द कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस ने हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अजय को कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की थी।
विक्टिम को सुने जाने के अधिकार को अनदेखा करना यह दिखाता है कि हाई कोर्ट कितनी जल्दी में था। ऐसे में हाई कोर्ट का आदेश खारिज होने योग्य है। सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला फिर हाई कोर्ट के भेज दिया है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें