Lakhimpur Kheri case: मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिश- रद्द हो आशीष मिश्रा की जमानत, यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने मांग जवाब

Facebook
X
WhatsApp

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत को चुनौती देनी वाली याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ताओं के वकील दुष्यंत दवे ने चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच से कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत देने में कई तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया. यह हत्या का गंभीर मामला है. मुख्य आरोपी की जमानत रद्द होनी चाहिए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम जानते हैं कि हमें क्या करना है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आशीष मिश्रा को जमानत दी थी और 15 फरवरी को वह जेल से बाहर आया था।

याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत दवे की सुप्रीम कोर्ट में दलील
आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने मांग करने वाले याचिकाकर्ता जगजीत की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि एफआईआर में साफ लिखा है कि थार जीप से लोगों के कुचला गया. इस वाहन में आशीष मिश्रा बैठे थे. इस दौरान गोलियां भी चलीं. साफ बताया गया था कि आशीष मिश्रा ने लोगों पर गाड़ी चढ़ाई गई. मंत्री अजय मिश्रा किसानों को देख लेने की धमकी दे रहे थे. उपमुख्यमंत्री केपी मौर्य का यात्रा मार्ग बदलने के बावजूद आरोपी उस रास्ते पर गया, जिस पर किसान प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस घटना के मुख्य आरोपी को जमानत देते हुए कह दिया कि गोली चलने के सबूत नहीं हैं. दवे ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है. एसआईटी ने अपनी जांच में इस घटना से जुड़े वीडियो, ऑडियो और गवाहों…सभी साक्ष्यों पर गौर किया है. यह मामला आरोपी की जमानत खारिज करने के लिए उचित है।

आरोपी आशीष मिश्रा के वकील रंजीत कुमार ने कहा यह कहना गलत है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसी को नहीं सुना, तथ्यों को नहीं जांचा और परखा. हाईकोर्ट ने विरोधी पक्ष को भी सुना था. अगर सुप्रीम कोर्ट जमानत रद्द करेगा तो फिर कौन देगा? मुझे विस्तार से जवाब के लिए 3 दिन का समय दीजिए. इस पर जस्टिस हिमा कोहली ने कहा, ऐसे संगीन मामले में आपको जमानत की क्या जल्दी थी? आशीष​ मिश्रा के वकील रंजीत कुमार ने कहा, क्योंकि मेरे मुवक्किल का केस यही है कि वह घटनास्थल पर नहीं था. गांव में था, जहां दंगल हो रहा था।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें