जम्मू कश्मीर के नेता फारूक अब्दुल्ला अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया और कहा कि हमें यहां 50,000 नौकरियों का वादा किया गया था, वे कहां हैं? डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और बच्चे सभी बेरोजगार हैं। इतना ही नहीं, फारुक अब्दुल्ला ने भगवान राम पर भी टिप्पणी की है।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी मजहब बुरा नहीं होता है, लेकिन जो इंसान भ्रष्ट होते हैं उनका कोई मजहब नहीं होता। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि ‘हिंदू खतरे में हैं’ का खूब इस्तेमाल करेंगे। आप इनके झांसे में मत आना, भगवान राम सबके हैं, केवल हिंदू धर्म के लोगों के लिए नहीं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा कि हमने कभी पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया। जिन्ना मेरे पिता से मिलने आए थे, लेकिन हमने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. @AJEETKUMARPAN10 यूजर ने लिखा कि अब्दुल्ला जी धर्म से पहले मानवता के संस्कार सिखाइये। मर्यादा पुरुषोत्तम राम उनके ही नहीं, हमारे भी हैं। ऐसा बोलिए। @nr_kadam यूजर ने लिखा कि मोदी जी ने देश ही नहीं बदला, लोगों के दिमाग भी बदल दिए हैं। राम को काल्पनिक बताने वाले भी अब राम को विश्व के भगवान बता रहे हैं।









