Muzaffarnagar News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य पुलिस को नोटिस जारी कर मुजफ्फरनगर की उस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिसमें शिक्षिका के निर्देश पर एक छात्र को उसके सहपाठियों द्वारा थप्पड़ मारे गए थे. इस घटना के सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में शिक्षिका को पीड़ित बच्चे के धर्म को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था. एनएचआरसी ने कहा कि उसने घटना के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है.
बता दें कि वायरल वीडियो में शिक्षिका को सांप्रदायिक टिप्पणी करते हुए और छात्रों से कक्षा दो के दूसरे समुदाय के छात्र को थप्पड़ मारने के लिए कहते हुए देखा जा सकता है. (Muzaffarnagar News) आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट की जानकारी सच है तो पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है. एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.
आयोग ने कहा कि रिपोर्ट में शिक्षिका के खिलाफ की गई कार्रवाई, दर्ज प्राथमिकी की स्थिति और पीड़ित परिवार को दिये गये मुआवजे आदि के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उठाये गये या प्रस्तावित कदमों के बारे में विवरण शामिल होना चाहिए. इसमें कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका को 28 अगस्त तक गिरफ्तार नहीं किया गया है.
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी शिक्षिका को तुरंत प्रभाव से निष्कासित करने की मांग की थी. साथ ही अखिलेश ने आरोपी शिक्षिका को शिक्षक समाज पर एक धब्बा करार दिया. इस मामले में मुजफ्फननगर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी पर मामला दर्ज किया है. इस मामले में राज्य शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय को भी नोटिस भी दिया गया है.










