प्रशांत किशोर ने शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, आजकल विश्व भर में लोग अमेजॉन, फ्लिपकार्ट से घर बैठे खरीदारी करते हैं, उसके लिए उन्हें दुकान पर जाने की आवश्यकता नहीं होती। ठीक वैसे ही नीतीश कुमार ने अपनी इंजीनियरिंग बुद्धि से बिहार में शराब की दुकान बंद करके होम डिलीवरी चालू करवा दी है। अब ₹100 की शराब ₹400 में घर-घर होम डिलीवरी पर आती है। जिससे बिहार के राजस्व का 20 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है।’
प्रशांत किशोर ने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि अगर राजनीतिक परिस्थितियां बदली तो नीतीश कुमार को बदलने में देर नहीं लगेगी साल 2015 में नीतीश कुमार ने सदन में कहा था ‘मैं मिट्टी में मिल जाऊंगा, लेकिन बीजेपी में नहीं जाऊंगा’ और फिर उसके बाद क्या हुआ सबने देखा। वहीं अब अगर भविष्य में नीतीश को जरूरत पड़ी तो उन्हें गठबंधन बनाने और बीजेपी में शामिल होने में एक मिनट भी नहीं लगेगा।
तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर बोले कि चाचा-भतीजा में भतीजे की व्यक्तिगत पहचान केवल इतनी है की वे लालू यादव के बेटे हैं। तेजस्वी यादव ने शिक्षा ,खेलकूद या अन्य कोई सामाजिक कार्य या किसी भी क्षेत्र में ऐसा कोई काम नहीं किया जिसका संज्ञान लिया जाए। जिस जंगलराज को खत्म करने के नाम पर नीतीश कुमार यहां काम कर रहे हैं उसी को फिर पीछे के दरवाजे से घुसाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा महात्मा गांधी से लेकर बाबा साहब अम्बेडकर तक सबके सपनों का यह भारत देश है। ‘जनता के सुंदर राज’ का सम्यक रूप है ‘जन सुराज’। उस सपने को एक आकार देने का हमारा प्रयास चल रहा है। आपका प्रतिनिधि आपके बीच से चुनकर आना चाहिए, न किसी नेता या पार्टी से प्रभावित होकर आप उसे वोट दें। इस प्रयास में मैं अकेला नहीं हूं। मेरे साथ 250 से ज्यादा लड़के साथ चल रहे हैं। ये बिहार को आने वाले 10 सालों में कैसे एक विकसित राज्य बनाया जाए, इसका खाका तैयार कर रहे हैं। मैं रोड पर इसलिए नहीं चल रहा हूं कि मुझे किसी ओलंपिक में जाना है, बल्कि इसलिए जा रहा हूं ताकि समाज की मदद से विकास की योजना बनाई जा सके।









