Petrol Diesel Prices: क्रूड आयल 84 डालर प्रति बैरल, राजस्व कमाने की होड़ में केंद्र और राज्य नहीं दे रहे उपभोक्ता को राहत

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल (कच्चे तेल) की कीमतें 84 डालर प्रति बैरल आ गई हैं। बावजूद इसके कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी), पेट्रोल एवं डीजल आग लगाते हुए नजर आ रहे हैं। बीते कई दिनों से कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिरावट दिखा रही हैं। बावजूद इसके, तेल कंपनियां इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दे रही हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि सीएनजी तो डीजल से भी महंगी हो गई है। जालंधर में सीएनजी 89 रुपये प्रति किलो जबकि पेट्रोल 96.07 रुपये और डीजल 86.45 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहे हैं। आयल डिपो से पेट्रोल पंप की दूरी के मुताबिक इस मूल्य में कुछ पैसों का अंतर संभव है।
कुछ महीने पहले केंद्र सरकार की तरफ से एक्साइज और राज्य सरकार की ओर से वैट की दरों में कटौती के बाद पेट्रोल डीजल कुछ सस्ते हुए थे। हालांकि उसके बाद तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन, पंजाब के प्रवक्ता मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मात्र राजस्व प्राप्ति के लिए तेल की बिक्री को जीएसटी के दायरे में नहीं ला रही हैं, जो पेट्रोलियम व्यवसाय एवं उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पेट्रोलियम व्यवसायी लगातार मांग कर रहे हैं कि वन नेशन वन रेट का सिद्धांत लागू किया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया रहा है। राज्यों में तेल की कीमतों के अंतर के चलते नुकसान उपभोक्ताओं और पेट्रोलियम डीलर्स का हो रहा है।

उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों की तरफ से 20 हजार करोड़ तक का मुनाफा दर्ज किया गया है। बावजूद इसके देश के उपभोक्ताओं को महंगी कीमतों पर पेट्रोल डीजल की बिक्री की जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के अलावा तेल कंपनियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार गिरावट है और इसका लाभ उपभोक्ताओं को तत्काल मिलना चाहिए।

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