सीतापुर : अवैध कब्जे में फंसी शत्रु संपत्तियों पर प्लाटिंग व खेती

Facebook
X
WhatsApp

सीतापुर: शत्रु संपत्तियों का लेखा जोखा रखने से लेकर उनकी निगरानी तक में जिला प्रशासन विफल साबित हो रहा है। तहसील प्रशासन की इसी शिथिल कार्यप्रणाली के चलते ही अवैध कब्जे में फंसी शत्रु संपत्तियों पर प्लाटिंग के साथ ही खेती किसानी का कार्य भी बेखौफ तरीके से चल रहा है। महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में एक माह पूर्व ऐसे ही एक मामले में शत्रु संपत्ति पर मकान बना लेने की शिकायत पर ढहाने की कार्रवाई भी हुई थी।

महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में आने वाले ग्राम बांसुरा, रसूलाबाद, कोरार, बेहटा छावनी, सेमरा, शहजानी, लोधशा, मल्हपुर, पेतेपुर, सेमरी, सिरौली, कासा, इंदौरा, सरैया कादीपुर, भेथरा माधव, हाजीपुर, बघाइन, भौरी, खपुरा, बेलौली बाजार, गुलरामऊ, पहला, सरैंया राजा साहब समेत तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में तमाम भू संपत्ति व खाली जमीन शत्रु संपत्तियों में दर्ज है।

इनकी देखभाल व निगरानी में बरती जा रही उदासीनता व उपेक्षा के चलते गांव क्षेत्रों की इन कृषि योग्य जमीनों पर कब्जा कर लोगों ने अवैध प्लाटिंग के साथ ही खेती किसानी करना भी शुरू कर दिया है। लखपेड़ा बाग सहित अन्य स्थानों पर खाली पड़ी शत्रु संपत्ति की जमीन पर बीते कई सालों से खेती की जा रही है। जबकि शहजानी मोहल्ले में खाली जमीनों पर कब्जे के बाद इनकी प्लाटिंग कर मोटी कीमत पर बेचने का धंधा भी तेजी से पनप रहा है। दूसरी तरफ महमूदाबाद के एसडीएम मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि शत्रु संपत्ति में दर्ज भू संपत्तियों व जमीनों का सर्वे कार्य चल रहा है। इसके पूरा होती ही विस्तृत जानकारी के साथ ही अवैध कब्जेदारों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई तय होगी।

लहरपुर तहसील के एसडीएम अनुपम मिश्र ने बताया कि क्षेत्र में कोई भी शत्रु संपत्ति किराए पर नहीं दी गई है। सभी संपत्तियों पर तहसील प्रशासन का कब्जा है। हालांकि यहां कितनी संपत्तियां हैं, इसका विवरण तहसील प्रशासन नहीं बता सका। एसडीएम बिसवां भी तहसील में संपत्तियों की स्थिति की जानकारी नहीं दे सके।

जिला मुख्यालय पर कई भवन व मकान शत्रु संपत्तियों में दर्ज हैं। पुराने सीतापुर स्थित मोहल्ला कोट कजियारा पर कबीर बिल्डिंग काफी समय से नाम मात्र के किराए पर है। इसके दस्तावेज भी किराएदारों द्वारा नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा 12 अन्य संपत्तियां प्रशासन के अधीन हैं। तहसीलदार सदर ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया की कबीर बिल्डिंग को लेकर कार्रवाई की जा रही है। विधिक राय लेने के साथ ही किराएदारों से भी किराएदारी के करार से जुड़े अभिलेख मांगे गए हैं। सरांय मलुही के जिन गाटों को लीज पर दिया गया था, उनकी लीज 30 जून को समाप्त हो गई है। इसे भी कब्जे में ले लिया गया है।

पुलिस निरीक्षक सीबीआई एसीबी लखनऊ अमित कुमार की ओर से शत्रु संपत्ति के ऐसे खाता संख्या का विवरण भी प्रशासन से तलब किया गया है, जिन्हें पट्टे पर दिया गया है। सूचना में ऐसी संपत्ति को पट्टे पर देने के लिए वार्षिक किराए के निर्धारण के नियम व प्राविधान के साथ ही शत्रु संपत्तियों से प्राप्त आय का भी लेखा जोखा मांगा गया है। जिला प्रशासन ने इसे लेकर शत्रु संपत्ति मामले की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अजीत चंद्रा से भी राय मांगी गई है।

 

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें