Police Paper Leak: उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक (Police Paper Leak) होने के बाद से योगी सरकार की भारी फजीहत हो रही है। शुरू में सरकार पेपर लीक मानने से इनकार कर रही थी लेकिन अभ्यर्थियों के जोरदार प्रदर्शन और ठोस सबूतों ने सरकार को परीक्षा रद्द करने पर मजबूर कर दिया। इस मामले को लेकर राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी लगातार सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक पर चिंता जाहिर की है।
UP: BSP सुप्रीमो मायावती ने पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले पर योगी सरकार को घेरा. #india24x7livetv #NewsUpdate #UttarPradesh pic.twitter.com/boijgruxcF
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पूर्व मुख्यमंत्री ने योगी सरकार से पूछा कि आखिर कब तक प्रदेश में यूं ही पेपर लीक का खेल चलता रहेगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, यूपी में पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने से सम्बन्धित परीक्षा का रद्द होना अति-गंभीर एवं चिन्तनीय। इससे राज्य व सरकार की बड़ी बदनामी के साथ ही युवाओं व बेरोजगारों का भविष्य खराब होकर उनका जीवन दाव पर लग जाता है। यूपी आखिर कब पेपर लीक मुक्त प्रदेश होगा? सरकार इस ओर ध्यान दे।
Police Paper Leak: सीएम योगी बोले, दोषियों को छोड़ेंगे नहीं
रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस भर्ती परीक्षा की पेपर लीक की घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना राष्ट्रीय पाप है। इसमें लिप्त लोगों को सरकार ऐसा सबक सिखाया जाएगा, जो भविष्य के लिए नजीर बनेगी। हमने पहले दिन से ही तय किया है कि युवाओं के जीवन और भविष्य के साथ जो कोई भी खिलवाड़ करेगा हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और उन तत्वों से सख्ती से निपटेंगे।
पेपर लीक मामले की जांच यूपी एसटीएफ कर रही है। मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी कर विभिन्न जिलों से अब तक 391 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है। यूपी के अलावा बिहार, दिल्ली और हरियाणा से भी आरोपी दबोचे गए हैं।
पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद राजधानी लखनऊ में युवाओं ने मामले की जांच के साथ-साथ परीक्षा रद्द करने की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों की ओर से दोबारा एग्जाम कराए जाने की मांग की जा रही थी। शनिवार को सीएम योगी ने अभ्यर्थियों की मांग को स्वीकार कर लिया।
उन्होंने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर चयन के लिए आयोजित परीक्षा-2023 को निरस्त करने तथा आगामी 06 माह के भीतर ही पुन: परीक्षा कराने के आदेश दिए हैं। परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। युवाओं की मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दशा में बख्शे नहीं जाएंगे। ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी तय है।










