Prayagraj Crime: सुलेम सराय में उमेश पाल हत्याकांड की जांच के दौरान कुछ नए तथ्य सामने आए हैं. इसमें इस वारदात का बिहार, नेपाल और कोलकाता कनेक्शन सामने आया है. इन नए तथ्यों के आधार पर यूपी पुलिस की एसटीएफ ने 18 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बदमाश बाहर से आए थे और वारदात के बाद इन स्थानों पर वापस लौट गए हैं. हालांकि इस छापेमारी को लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल साफ साफ कुछ भी कहने से बच रहे हैं.
मुख्यमंत्री के तीखे तेवर को देखते हुए प्रयागराज पुलिस तो उमेश पाल हत्याकांड में शामिल बदमाशों की तलाश तो कर ही रही है, एसटीएफ ने भी करीब आधा दर्जन टीमों का गठन किया है. (Prayagraj Crime) यह टीमें लगातार वारदात में शामिल बदमाशों की पहचान कर उनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. इसी क्रम में पुलिस को मिले नए इनपुट के बाद पुलिस और एसटीएफ ने नेपाल व बिहार राज्य की सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी है. सीमा पार करने वाले हरेक व्यक्ति की सघन निगरानी और तलाशी कराई जा रही है.
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल कई बदमाशों को पुलिस और एसटीएफ ने चिन्हित किया है. इन सभी बदमाशों की तस्वीर प्रयागराज समेत आसपास के जिलों में भेजी गई है. सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट रहने को कहा गया है. आशंका है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद पूर्वांचल के रास्ते नेपाल व बिहार की तरफ भागे हैं. आशंका है कि ये बदमाश नेपाल या पश्चिम बंगाल में भी शरण लिए हो सकते हैं.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद हरकत में आई पुलिस ने अब तक दो बदमाशों को चिन्हित कर उन्हें एनकाउंटर में मार गिराया है. वहीं बाकी आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश जारी है.अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस मुख्यालय से कुछ दिशा निर्देश मिले हैं. इन निर्देशों को देखते हुए एडीजी जोन अखिल कुमार ने भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया है. उन्होंने सीमावर्ती जिलों की पुलिस को अलर्ट करते हुए उन्हें संदिग्धों की तस्वीरें भेजी हैं. इन जिलों की पुलिस को अपने क्षेत्र के होटल, लाज व ढाबों आदि पर चेकिंग करने और क्षेत्र में आकर ठहरे बाहरी लोगों की पहचान करने के लिए कहा गया है.









