रिपोर्ट- मिथिलेश गुप्ता
Chandauli: चंदौली। केंद्र और प्रदेश सरकार जहां “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत होने का दावा कर रही हैं, वहीं चंदौली जनपद के शहाबगंज ब्लॉक अंतर्गत गौड़ीहर खास गांव से विकास कार्यों की हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई विकास योजनाएं केवल कागजों और फाइलों में पूरी दिखाई जा रही हैं। (Chandauli) अधिकारियों द्वारा फोटो खिंचवाकर कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर काम अधूरा या पूरी तरह से नदारद है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को समय पर काम और मेहनताना नहीं मिल पा रहा है। (Chandauli) बिचौलियों की सक्रियता के चलते योजनाओं का लाभ जरूरतमंद ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा, जिससे गरीब और मेहनतकश वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन न उठने और शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने के कारण उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इससे गांव में आक्रोश और निराशा का माहौल व्याप्त है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। (Chandauli) यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेकर ठोस कदम उठाएगा, या फिर “विकास” के दावे केवल नारों तक ही सीमित रह जाएंगे।















