Shri Amarnath Yatra 2026: हिमालय की दुर्गम वादियों में स्थित पवित्र श्री अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के पहले दो दिनों में ही 32,313 श्रद्धालु पवित्र गुफा में पहुंचकर प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के शुरुआती आंकड़े इस वर्ष श्रद्धालुओं के बढ़ते उत्साह और बेहतर व्यवस्थाओं की ओर संकेत कर रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यात्रा के दूसरे दिन 20,145 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए। (Shri Amarnath Yatra 2026) यह संख्या पिछले वर्ष के दूसरे दिन पहुंचे 14,515 श्रद्धालुओं की तुलना में काफी अधिक है। दूसरे दिन दर्शन करने वालों में 14,611 पुरुष, 4,480 महिलाएं, 379 बच्चे, 142 साधु, 35 साध्वियां, 17 ट्रांसजेंडर श्रद्धालु और 481 सुरक्षा कर्मी शामिल रहे। पहले और दूसरे दिन को मिलाकर अब तक कुल 32,313 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के चरणों में शीश नवा चुके हैं।
Shri Amarnath Yatra 2026: चौथा जत्था जम्मू से रवाना
इधर, यात्रा का चौथा जत्था भी सोमवार तड़के जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में 6,731 श्रद्धालु शामिल हैं, जो 291 वाहनों में सवार होकर कश्मीर घाटी की ओर निकले। (Shri Amarnath Yatra 2026) इनमें 4,131 श्रद्धालु 139 वाहनों के जरिए पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा करेंगे, जबकि 2,590 श्रद्धालु 152 वाहनों में बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। बालटाल मार्ग दूरी में छोटा है, जबकि पहलगाम मार्ग अपेक्षाकृत लंबा होने के बावजूद प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के कारण अधिक लोकप्रिय माना जाता है।
क्या है पवित्र गुफा का विशेष आध्यात्मिक महत्व?
श्री अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। (Shri Amarnath Yatra 2026) समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य इसी गुफा में सुनाया था, जिसके कारण इस गुफा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने दोनों मार्गों पर व्यापक सुरक्षा और सुविधाओं का इंतजाम किया है। (Shri Amarnath Yatra 2026) भारतीय सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे यात्रा मार्ग पर तैनात हैं। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, ऑक्सीजन केंद्र, आपदा राहत दल, हेल्प डेस्क, लंगर, विश्राम स्थल और संचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। और यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।










