Ayodhya News: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को गंभीर प्रशासनिक और निगरानी संबंधी लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट सामने आने के कुछ ही घंटों बाद ट्रस्ट ने डॉ. अनिल मिश्रा और पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। वहीं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है।
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. अनिल मिश्रा मंदिर के चढ़ावे की गिनती, नकदी प्रबंधन और बैंक के साथ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जांच एजेंसी का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण चढ़ावे की कथित चोरी लंबे समय तक जारी रही।
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Ayodhya News: CCTV फुटेज ने खोली पोल, 70 संदिग्ध घटनाएं कैमरे में कैद
SIT ने 27 अप्रैल से 6 मई के बीच की CCTV फुटेज की गहन जांच की। रिपोर्ट के अनुसार कैमरों में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं रिकॉर्ड हुईं, जिनमें कर्मचारी चढ़ावे की गिनती के दौरान नोटों को जेब, जूतों और कपड़ों में छिपाते दिखाई दिए। (Ayodhya News) कुछ कर्मचारियों को नकदी के बंडलों से छेड़छाड़ करते हुए और गिनती कक्ष से पैसे बाहर ले जाते हुए भी देखा गया। जांच एजेंसी का दावा है कि यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि कई दिनों तक सुनियोजित तरीके से चल रही कथित चोरी का हिस्सा थी। रिपोर्ट में छह लोगों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई है।
SOP सिर्फ कागजों में, खामियों से लंबे समय तक छिपी चोरी!
SIT ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रभावी ढंग से पालन नहीं कराया। कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं ली जाती थी, निजी सामान को प्रतिबंधित नहीं किया गया, पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं थे और आकस्मिक निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू नहीं थीं। (Ayodhya News) रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई दानपात्रों की नकदी एक साथ गिनी जाती थी, रिकॉर्ड रखने में गंभीर खामियां थीं और CCTV की निगरानी भी प्रभावी नहीं थी। जांच एजेंसी के अनुसार इन सभी कमियों ने कथित चोरी को लंबे समय तक छिपाए रखा।
आरोपियों से 78.94 लाख रुपये कैश बरामद
SIT ने जांच के दौरान कुछ आरोपियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय से अधिक नकदी जमा होने के संकेत मिलने की बात कही है। एजेंसी ने सभी आरोपियों की बैंकिंग गतिविधियों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की सिफारिश की है ताकि चोरी की पूरी रकम का पता लगाया जा सके। (Ayodhya News) अब तक की जांच में आरोपियों से 78.94 लाख रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा गिनती कक्ष से 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त बरामद हुए हैं। मामले में अब तक चढ़ावे की गिनती और नकदी प्रबंधन से जुड़े आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ट्रस्ट की बड़ी कार्रवाई, इस्तीफे स्वीकार
SIT रिपोर्ट के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त करते हुए मंदिर की सुरक्षा, पारदर्शिता और चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सुधारात्मक कदमों की घोषणा की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि चढ़ावे में कथित चोरी की घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस विवाद से करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत की जाएगी।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि SIT की यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। अंतिम जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।










