रिपोर्ट -सुनील ठाकुर
Sonbhadra: रेनुकूट (सोनभद्र)। लखनऊ से रेनुकूट लौट रहे समाजसेवी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रमुख विजय कुमार तिवारी (58) की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु की खबर से रेनुकूट शहर तथा पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय कुमार तिवारी बीते दिनों स्वास्थ्य परीक्षण हेतु लखनऊ स्थित पीजीआई अस्पताल गए हुए थे। (Sonbhadra) इसी दौरान उन्हें अपने पिता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। पिता से मिलने की जल्दबाजी में उन्होंने स्वयं अपनी बैगनार कार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए अपने गृह जनपद आरा (बिहार) के लिए यात्रा शुरू की।
यात्रा के दौरान अकबरपुर के पास उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई। (Sonbhadra) टक्कर इतनी भीषण थी कि कार ट्रक में फंस गई और ट्रक चालक लगभग एक किलोमीटर तक कार को घसीटता रहा। इससे विजय तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
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उसी मार्ग से गुजर रहे एक दंपत्ति ने यह दर्दनाक दृश्य देख तुरंत अपनी गाड़ी से ट्रक को ओवरटेक कर रुकवाया और मानवता का परिचय देते हुए घायल तिवारी को बाहर निकालकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने तत्काल उनके रिश्तेदार एवं पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष कृष्णा उपाध्याय को दुर्घटना की सूचना दी।
परिवार और रिश्तेदारों के पहुँचने तक वह दंपत्ति अस्पताल में मौजूद रहा। (Sonbhadra) बाद में परिजन विजय तिवारी को अकबरपुर से वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां उनका इलाज जारी रहा। लेकिन चिकित्सीय प्रयासों के बावजूद 24 नवंबर की रात लगभग 9:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
दु:ख की बात यह है कि विजय तिवारी के पिता नित्यानंद तिवारी (90) का निधन भी उनके दुर्घटना के अगले ही दिन 23 नवंबर की सुबह हो गया। (Sonbhadra) पिता और पुत्र के इस दुखद निधन से परिवार, परिचितों, समाजसेवियों तथा शुभचिंतकों में शोक व्याप्त है।
शव को परिजन उनके पैतृक निवास आरा (बिहार) ले गए जहां अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उनके बड़े पुत्र चंद्रभूषण तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी।
स्वर्गीय विजय कुमार तिवारी अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनके सामाजिक योगदान और व्यवहार कुशलता को याद करते हुए लोग उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहे हैं।













